भू-माफिया, शिक्षा माफिया की तरह गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (जीएसटी) में कई माफिया हैं। इन माफिया ने वाणिज्यकर विभाग के साथ 20 करोड़ रुपये से भी ज्यादा की धोखाधड़ी की है। बिना माल की खरीद-बिक्री के ही इन माफिया ने करोड़ों रुपये का इनपुट टैक्स क्रेडिट हासिल कर लिया है। वाणिज्यकर विभाग के स्पेशल इंवेस्टिगेटिव ब्रांच (एसआईबी) के डिप्टी कमिश्नर ने गोरखपुर-बस्ती मंडल के विभिन्न जिलों के ऐसे 37 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के लिए अपर पुलिस महानिदेशक (एडीजी) को सूची सौंपी है।
दरअसल एडिशनल कमिश्नर ग्रेड-1 राज्य कर सुनील कुमार राय के निर्देश पर लगातार जांच और कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में वाणिज्यकर विभाग की जांच में गोरखपुर जोन के अंतर्गत वर्ष 2020-21 एवं 2021-22 में एसआईबी द्वारा जांच की गई। इसमें पाया गया कि बोगस (अस्तित्वहीन) फर्मों ने बिना माल की वास्तविक खरीद-बिक्री किए केवल टैक्स इनवाइस एवं ई-वे बिल जारी और प्राप्त किया।
इस प्रकार गलत ढंग से आईटीसी (इनपुट टैक्स क्रेडिट) का दावा किया गया है और क्रेता व्यापारियों को पास ऑन किया गया है। वित्तीय वर्ष 2020-21 में ऐसे फर्जीवाड़ा करने वाले 17 और वित्तीय वर्ष 2021-22 में 20 मामले मिले।
गोरखपुर-बस्ती मंडल की 37 फर्मों द्वारा कूटरचित प्रपत्रों के आधार पर जीएसटी विभाग में आनलाइन पंजीयन लेकर भारी मात्रा में कर चोरी की गई है। इसके पीछे मास्टरमाइंड कोई और व्यक्ति हैं, जिनके द्वारा सुनियोजित तरीके से फ्रॉड करके जीएसटी कर की चोरी की गई है। एडीजी को ऐसी 37 फर्मों की सूची सौंपी गई है। उन्होंने अधीनस्थ पुलिस अधिकारी को बुलाकर तत्काल इन मामलों में फर्म से संबंधित व्यक्तियों को जीएसटी माफिया के रूप में चिह्नित करते हुए एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया है।
राजेश सिंह, एडीशनल कमिश्नर ग्रेड-2, एसआईबी राज्य कर, गोरखपुर जोन