‘कोरोना के हों लक्षण तो हरगिज न लगवाएं टीका’
बस्ती। कोरोना के लक्षण होने पर कोरोनारोधी टीका लगवाना नुकसानदेह हो सकता है। यदि किसी तरह का लक्षण है तो टीका लगवाने से बचें। पहले इलाज कराएं तथा ठीक होने के बाद ही टीका लगवाएं। बुखार, सर्दी और जुकाम में शरीर की प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है। ऐसे में टीका लगवाना फायदे की जगह नुकसान पहुंचा सकता है।
यह कहना है जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. एफ हुसैन का। उन्होंने बताया कि टीकाकरण केंद्रों पर बुखार, सर्दी व खांसी की हालत में भी लोगों के पहुंचने की खबर मिल रही है। मौजूदा समय में स्वास्थ्य विभाग एक ओर टीकाकरण कार्यक्रम को जोर-शोर से चला रहा है, वहीं मौसम के चलते सर्दी, जुकाम, बुखार के मरीज बढ़ रहे हैं। कोविड-19 से बचाव के लिए बड़ी संख्या में लोग टीका लगवाने के लिए केंद्रों पर पहुंच रहे हैं। लोगों में बुखार, जुकाम व खांसी की शिकायत बढ़ी है। कोविड जांच में फिलहाल पॉजिटिव नहीं मिल रहे हैं, मगर वायरल संक्रमण में टीका लगवाना खतरनाक साबित हो सकता है।
उधर, डॉ. पीके श्रीवास्तव ने कहा कि इन दिनों मौसम के चलते वायरल संक्रमण फैल रहा है। जिन्हें वायरल फीवर अथवा सर्दी, खांसी व जुकाम के साथ बुखार है वे कत्तई टीका न लगवाएं। क्योंकि इन स्थितियों में प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है। इससे टीका लगने से लोड बढ़ जाता है।
‘दूसरे लाभार्थियों को हो सकती है समस्या’
एसीएमओ डॉ. एफ हुसैन ने बताया कि कोरोना के किसी भी गैर उपचारित मरीज के टीकाकरण केंद्र पर आने से अन्य लाभार्थियों को समस्या हो सकती है। टीके के लिए आम तौर से लाइन लगानी पड़ती है। इसमें काफी संख्या में बुजुर्ग व कोमार्बिड होते हैं, जिनके जल्द प्रभावित होने की आशंका रहती है। केंद्र पर कभी-कभी ज्यादा भीड़ हो जाती है। ऐसे में भीड़ में कोई कोरोना से प्रभावित व्यक्ति होगा तो उससे दूसरों के लिए संकट हो सकता है। कोरोना की चेन तोड़ने के लिए सबसे ज्यादा जरूरी है कि इसके फैलाव को हर हाल में रोका जाए।