फास्ट ट्रैक कोर्ट के न्यायाधीश ने दिया आदेश
20 हजार रुपये अर्थदंड भी देना होगा
बस्ती। फास्ट ट्रैक कोर्ट के न्यायाधीश विजय कुमार कटियार की अदालत ने विवाहिता की हत्या करने के मामले में पति को आजीवन कारावास व 20 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड न अदा करने पर छह माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी। न्यायाधीश ने दूसरे आरोपी सास को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया।
शासकीय अधिवक्ता अजय बहादुर पाल ने दौरान बहस अदालत में कहा कि अयोध्या जनपद के कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला लालबाद निवासी हरिश्चंद्र ने परशुरामपुर थाने में तहरीर देकर कहा कि पिंकी मौर्या की शादी लगभग चार वर्ष पूर्व जितेंद्र मौर्या उर्फ करिया निवासी सिकंदरपुर थाना परशुरामपुर के साथ की थी। कुछ दिन तक ठीक चला लेकिन एक वर्ष के बाद से ही ससुराल पक्ष वालों की तरफ से और रुपये व दहेज में मोटरसाइकिल की मांग कर रहे थे। न देने पर लड़की को शारीरिक व मानसिक रूप से प्रताड़ित करते थे। 24 अक्टूबर 2022 को रात करीब 10 बजे उसे सूचना मिली कि बेटी पिंकी को उसके ससुराल वालों ने गला काटकर हत्या कर दी है। पुलिस ने केस दर्ज करके आरोप पत्र पति जितेंद्र व सास दीपावली के विरुद्ध कोर्ट में दाखिल किया था। न्यायाधीश ने दोनों पक्षों की बात सुनने के उपरांत पति जितेंद्र उर्फ करिया को हत्या के मामले में दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई।