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स्वास्थ्य विभाग के संविदा कर्मियों का ईपीएफ का लाखों रुपये गायब

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स्वास्थ्य विभाग : संविदा कर्मियों के ईपीएफ का लाखों रुपये गायब
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बस्ती। स्वास्थ्य विभाग में संविदा पर कार्यरत करीब सात सौ कर्मियों में से तीन सौ के ईपीएफ का लगभग 88 लाख रुपये उनके संबंधित खाते में जमा होने के बजाय गायब हो गया है। इस तथ्य का खुलासा तब हुआ जब विभाग में कार्यरत संविदा कर्मी सरिता ने आरटीआई से अपने ईपीएफ खाते का हिसाब मांगा, हालांकि विभागीय जिम्मेदार गोलमोल जवाब देकर अपना पिंड छुड़ा रहे हैं, मगर सीएमओ डॉ. चंद्रशेखर ने इस मामले में जांच करवाने की बात कही है।
स्वास्थ्य विभाग के संविदा कर्मी जिनका मानदेय पंद्रह हजार या उससे कम है उनका ईपीएफ कटता है। मानदेय के बारह प्रतिशत ईपीएफ कर्मी का और इतना ही विभाग का भी अंशदान होता है। जून 2015 में सरकार ने संविदा कर्मियों के ईपीएफ कटौती का निर्देश दिया था, तब से लेकर अब तक कटौती जारी है, मगर यह कटौती संबंधित कर्मियों के खाते में नहीं पहुंच रहा है। ऐसे में उसे जहां ब्याज का नुकसान उठाना पड़ रहा है वहीं विभाग के अंशदान का भी लाभ नहीं मिल रहा है। संविदा कर्मी सरिता ने आरटीआई में ईपीएफ का पूरा हिसाब मांगते हुए कहा है कि उसे अपने खाते का भी ब्योरा दिया जाए कि अब तक कितना ईपीएफ खाते में जमा किया जा चुका है। बातचीत में सरिता सहित कुछ अन्य संविदा कर्मियों ने बताया कि जब से योजना शुरू हुई है तब से लेकर आज तक एक पाई भी खाते में नहीं दिया गया है, जबकि मानदेय से कटौती की जा रही है।
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बोले-डीपीएम व डीएएम
जिला कार्यक्रम अधिकारी एनएचएम राकेश पांडेय ने ईपीएफ के मामले से पल्ला झाड़ लिया। कहा कि यह जिम्मेदारी अकाउंट की है। ऐसे में अब तक क्या हुआ यह वही बता सकते हैं। जिला अकाउंट मैनेजर शशिमौलि रतन पांडेय ने कहा कि ईपीएफ का धन सभी को भेजा जा रहा है। तकनीकी कारणों से पासबुक में नहीं चढ़ रहा है। जल्द ही यह समस्या समाप्त हो जाएगी। इस खाते में सभी कर्मियों से नामिनी के नाम देने को कहा गया है।
बोले- सीएमओ
सीएमओ डॉ. चंद्रशेखर ने कहा कि यह मामला संज्ञान में आया है। इसकी जांच कराई जाएगी। यदि ऐसा कुछ पाया गया तो संबंधितों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
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