महंगी हुई हरी सब्जियां, नया आलू व प्याज लुढ़के
बस्ती। महंगाई ने किचन का स्वाद भी बिगाड़ दिया है। 10 से 15 रुपये किलो बिकने वाला आलू-प्याज 35 रुपये किलोह बिक रहा है। एक माह पहले इसकी कीमत 50 रुपये किलो थी। अब इसकी कीमत लुढ़क गई है। इसके अलावा हरी सब्जियों में महंगाई का तड़का है। इससे आम आदमी परेशान हैं।
सब्जी के फुटकर विक्रेता शीबू कहते हैं कि आलू प्याज की कीमत एक माह पहले बढ़ी थी, तब नया आलू 50 रुपये किलो था आज कीमत 35 रुपये हो गई है। इसी प्रकार प्याज भी पचास से 55 रुपये था, मगर अब इसकी कीमत घट कर 35 से चालीस रुपये हो गई है।
सब्जी विक्रेता अहमद ने बताया कि सब्जियों की कीमत में उतार-चढ़ाव होता रहता है। इन दिनों आलू-प्याज कुछ सस्ता हुआ है तो हरी सब्जियों की कीमत आसमान पर पहुंच गई है। बाजार उपभोक्ता हित का प्रयास करता है, मगर जब उसे महंगा सामान थोक बाजार उपलब्ध कराता है तो उसी दर से बेचना मजबूरी होती है।
मालवीय मार्ग निवासी गृहिणी विद्या पांडेय ने बताया कि बाजार में सब्जियों की कीमत में आग लगी है। कोई भी सब्जी 30 रुपये किलो से नीचे नहीं है। टमाटर 80 रुपये किलो पहुंच गया है। बैंगन 60 रुपये किलो है। यह महंगाई लगन के चलते आई है। क्योंकि बाजार में डिमांड बढ़ गई और उपलब्धता कम है।
प्रमिला जायसवाल का कहना है कि बाजार में सर्वाधिक उतार-चढ़ाव सब्जियों की कीमत में आता है। यह हर दिन उपयोग में आने वाली सामग्री है। ऐसे में आम आदमी के बजट पर प्रभाव पड़ता है। सब्जियों की कीमत माह भर में तेजी से बढ़ी है।
गृहिणी रेखा श्रीवास्तव कहती हैं कि सब्जियों की बढ़ती कीमत के चलते किचन का स्वाद फीका हो गया है। हरी सब्जियों का भाव आसमान पर पहुंच गया है। आलू-प्याज ने भी मुश्किल में डाल रहा है।
सब्जी एक माह पहले अब
आलू नया 50 रुपये किलो 35 रुपये किलो
प्याज 50 रुपये किलो 35 रुपये किलो
गोभी 60 रुपये किलो 30 रुपये किलो
टमाटर 20 रुपये किलो 80 रुपये किलो
लौकी 20 रुपये किलो 40 रुपये किलो
पत्ता गोभी 30 रुपये किलो 60 रुपये किलो
साग 40 रुपये किलो 60 रुपये किलो
लोबिया 40 रुपये किलो 80 रुपये किलो
केला कच्चा 40 रुपये किलो 40 रुपये किलो
शिमला मिर्च 60 रुपये किलो 100 रुपये किलो
भिंडी 40 रुपये किलो 80 रुपये किलो
परवल 50 रुपये किलो 100 रुपये किलो
बैगन 30 रुपये किलो 50 रुपये किलो
यह कीमत फुटकर बाजार से लिया गया है।