दुबौलिया के सुविखा बाबू गांव में बाढ़ के पानी में डूबी झोपड़ी।
- फोटो : BASTI
सरयू के तटवर्ती गांवों में हरे चारे का संकट
दुबौलिया (बस्ती)। सरयू नदी का जलस्तर शनिवार दोपहर तक तेजी से बढ़ा लेकिन शाम होते-होते स्थिर हो गया। केंद्रीय जल आयोग अयोध्या ने बताया कि रविवार को जलस्तर लाल निशान 92.73 मीटर से दो सेंटीमीटर नीचे 92.71 पर स्थिर रहा। जलस्तर बढ़ने से कई गांवों में बाढ़ का पानी पहुंचना शुरु हो गया है। तटवर्ती गांवों में मवेशियों के लिए हरे चारे का संकट पैदा हो गया है।
बाढ़ प्रवाहित सुविखा बाबू गांव में लोगों की समस्याएं बढ़ रही हैं। दैनिक जरूरतें नाव के सहारे पूरी हो पा रही हैं। कई दिनों से मैरुंड होने के कारण मवेशियों के लिए चारे का इंतजाम नहीं हो पा रहा है। जिसे लेकर पशुपालक खासे परेशान हैं। उनका कहना है कि चारों ओर पानी लगने से चारे के लिए हरी घास नहीं मिल पा रही है। अशोकपुर ग्राम पंचायत के तमाम मजरे, भुवरिया, विशुनदासपुर की अनुसूचित बस्ती, खजांचीपुर का एक पुरवे की ओर तेजी से पानी फैल रहा है। गौरा-सैफाबाद तटबंध के भनखरपुर गांव के सामने रविवार को हल्की कटान हो रही थी। टकटकवा से लेकर दलपतपुर के सामने तक तटबंध पर पानी दबाव बना हुआ है। तटबंध एसडीओ हरिश्चंद्र ने बताया कि जलस्तर बढ़ रहा है फिलहाल तटबंध पर कोई खतरा नहीं है।