नलकूपों की नालियां दुरुस्त कराएंगी ग्राम पंचायतें
मनरेगा के तहत होगी पक्की नालियों और वाटर बैंकों की मरम्मत
बस्ती। जिले के सरकारी नलकूपों की नालियों का रखरखाव और निर्माण अब ग्राम पंचायतें करा सकेंगी। मनरेगा मजदूरों के जरिए होने वाले इस कार्य से किसानों को जहां पानी के लिए हलकान नहीं होना पड़ेगा, वहीं विभाग के अधिकारी व कर्मचारी भी नालियों और नहरों को दुरुस्त कराने के लिए धन की कमी का बहाना नहीं कर सकेंगे।
जिले में कुल 612 सरकारी नलकूप स्थापित हैं। दशकों से स्थापित अधिकांश नलकूपों की नालियां क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं। आए दिन किसान इसकी शिकायत नलकूप विभाग के दफ्तरों में आकर करते रहते हैं। नलकूप विभाग को मरम्मत के नाम पर महज 12 हजार रुपये प्रति नलकूप प्रतिवर्ष व्यय करने का अधिकार है। इससे नालियों और इन पर स्थापित वाटर बैंकों व नहरों का रखरखाव हर साल बाधित होता रहता है। इधर मनरेगा योजना को और अधिक विस्तार देते हुए शासन ने इनकी भी जिम्मेदारी सौंप दी है। सहायक अभियंता सुजीत कुमार श्रीवास्तव और वरिष्ठ सहायक रीना सिंह के मुताबिक ग्राम पंचायत को नलकूप विभाग के अधिशासी अभियंता कार्यालय पर आवेदन कर अनापत्ति प्रमाणपत्र लेना होगा। नलकूप पर विभाग का अधिकार रहेगा और विभागीय अभियंताओं की निगरानी में मानकों के अनुसार कार्य कराया जाएगा। सभी भुगतान ग्राम पंचायत को मनरेगा के तहत करना होगा। किसी भी प्रकार की क्षतिपूर्ति के लिए ग्राम पंचायत जिम्मेदार होंगे। मानक के अनुसार काम न होने पर अनापत्ति प्रमाणपत्र स्वत: निरस्त हो जाएगा।
ग्राम पंचायतें मनरेगा के तहत शासकीय नलकूपों की नालियों का निर्माण व मरम्मत करा सकेंगी। इसके लिए नोड्यूज प्रमाणपत्र जारी किए जा रहे हैं।
लालचंद, एक्सईएन, नलकूप खंड, बस्ती