- महरीपुर फीडर को गोटवा उपकेंद्र से न जोड़ने पर होगी समस्या
- ओवर लोडिंग के बाद महरीपुर के उपभोक्ताओं को झेलनी पड़ती है दिक्कतें
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। शहर के गिदही में बना 33/11 केवी विद्युत उपकेंद्र से महरीपुर फीडर अभी तक अलग नहीं हो पाया है। इस बार फिर गर्मी में उपभोक्ताओं और औद्योगिक इकाइयों को बिजली किल्लत का सामना करना पड़ेगा। गर्मी में जब खपत बढ़ती है तो पाॅवर ट्रांसफाॅर्मर ओवर लोड होने लगते हैं। माना जा रहा है गर्मी के दिनों में उपकेंद्र से महरीपुर फीडर को बिजली आपूर्ति बमुश्किल ही हो पाएगी।
उल्लेखनीय है कि गिदही स्थिति विद्युत निगम के आवासीय परिसर में उपकेंद्र है। इससे औद्योगिक इकाइयों, शहर व ग्रामीण इलाकों को बिजली मिलती है। खपत को देखते हुए उपकेंद्र पर 10 एमवीए के दो ट्रांसफाॅर्मर लगे हैं। पिछले साल गर्मी में ओवर लोडिंग के चलते ग्रामीण क्षेत्र कके उपभोक्ताओं को तमाम कठिनाइयों का सामना करना पड़ा था। परिणाम स्वरूप उन्हें निर्धारित रोस्टर के अनुसार बिजली नहीं मिल पा रही थी। निगम कर्मी दबी जुबान में मान रहे हैं कि यदि समय रहते ही कोई व्यवस्था नहीं की गई तो इस बार गर्मी में उपकेंद्र से ग्रामीण इलाकों को बिजली आपूर्ति करनी मुश्किल हो जाएगी।
विकल्प के बाद भी नहीं चेत रहे अफसर
- गिदही उपकेंद्र से ही इंडस्टि्रयल एरिया को बिजली आपूर्ति की जाती है। गर्मी में ओवरलोड की समस्या आने पर औद्योगिक इकाइयां की बिजली आपूर्ति प्रभावित होती है। सूत्र बताते हैं कि यदि महरीपुर फीडर को दो साल पहले निर्मित गोटवा उपकेंद्र से जोड़ दिया जाए तो ग्रामीण उपभोक्ताओं को भी गर्मी में सहूलियत मिलेगी। उन्हें अनावश्यक कटौती का सामना नहीं करना पड़ेगा और शहर के उपभोक्ताओं की भी परेशानी कम हो जाएगी।
गिदही से चल रहे ग्रामीण इलाकों के चार फीडर
गिदही उपकेंद्र पर उपभोक्ताओं का भार अधिक है। उपकेंद्र से महरीपुर, पंप कैनाल, नलकूप व उद्यान नाम से देहात के चार फीडर चला रहे हैं। चारों फीडर ग्रामीण इलाकों में बिजली आपूर्ति कर रहे हैं। इसके अलावा शहर के बालाजी मिल्स (स्वतंत्र), प्लास्टिक कॉम्पलेक्स, पुरानी बस्ती एक व दो और नई बाजार नाम से पांच फीडर चल रहे हैं। उपकेंद्र पर शहर के करीब 8500 और ग्रामीण इलाके के पांच हजार उपभोक्ताओं का भार है।
वर्जन
गर्मी में गिदही उपकेंद्र पर ओवर लोडिंग की समस्या अधिक आती है। औद्योगिक क्षेत्र की आपूर्ति सामान्य बनाए रखने के लिए ग्रामीण फीडरों को बंद करना पड़ जाता है। इससे उपभोक्ताओं को परेशान होना पड़ता है। गिदही से महरीपुर फीडर को अलग करने की मांग उच्चाधिकारियों से की गई है। संभव है कि महरीपुर को गोटवा उपकेंद्र से गर्मी से पहले ही जोड़ दिया जाएगा।
-मनोज सिंह, अधिशासी अभियंता, नगरीय।