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रिजर्व स्टॉक से दी गई निजी समितियों को 379 एमटी डीएपी

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रिजर्व स्टॉक से दी गई निजी समितियों को 379 एमटी डीएपी
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- इफ्को प्रबंधन और पीसीएफ भंडार नायक ने की पुष्टि
- जिले में 24 अक्तूबर तक ही था डीएपी का सामान्य स्टॉक
- सामान्य स्टॉक से फुटकर बिक्री केंद्रों को इफ्को करता है उर्वरक वितरण
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। डीएपी खाद के वितरण में मनमानेपन का ताजा उदाहरण सामने आया है। सहाकारिता विभाग ने डीएपी के रिजर्व में से दस चुनिंदा निजी समितियों को 379 मीट्रिक टन यानी 7580 बोरी वितरित कर दी, जबकि निजी समितियों की संख्या 26 है। इसकी पुष्टि पीसीएफ भंडार नायक और इफ्को प्रबंधन ने भी किया है। नियमानुसार भंडार में रखे रिजर्व स्टॉक से उर्वरक डीएम की अगुवाई वाली जिला स्तरीय कमेटी के निर्णय के बाद ही साधन सहकारी समिति के अलावा अन्य समितियों को दिया जा सकता है।
इफ्को प्रक्षेत्र प्रबंधक जियाउद्दीन सिद्दीकी ने बताया कि जिले में 24 अक्तूबर तक डीएपी का सामान्य स्टॉक महज 64.5 मीट्रिक टन मौजूद था। जो इफ्को किसान सेवा केंद्र को बिक्री के लिए उपलब्ध कराया दिया गया था। एआर को-ऑपरेटिव प्रेमचंद्र प्रजापति और जिला प्रबंधक (डीएस) पीसीएफ अमित चौधरी ने बताया कि निजी समितियों को सामान्य स्टॉक से डीएपी दी गई है। पीएसीएफ भंडार नायक केसी चौधरी ने बताया कि निजी समितियों को रिजर्व स्टॉक से डीएपी दिया गया है। पीसीएफ, सहकारिता और इफ्को प्रबंधन के बयानों में विरोधाभास नजर आता है। ऐसे में सच क्या है यह जांच का विषय है।
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गौरतलब, है कि यह काम बुवाई के पीक समय में तब किया गया जब साधन सहकारी समितियों के सचिव हड़ताल पर थे। ऐसे समय में सहकारिता विभाग सभी निजी समितियों को डीएपी न उपलब्ध कराकर कुछ समितियों को मनमाने ढंग से रिजर्व स्टॉक दे दिया। यह फास्फेटिक उर्वरक 23 अक्तूबर से तीन नवंबर के बीच दिया गया है। महज 12 दिन में 7580 बोरी डीएपी कहां खफा दी गई यह समिति संचालक व सहकारिता विभाग ही बता पाएगा। वहीं, जिला कृषि अधिकारी व उर्वरक इंस्पेक्टर मनीष कुमार सिंह ने बताया कि निजी समिति को डीएपी देने के लिए उनसे कोई सलाह नहीं ली गई है।
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इन 10 समितियों को दी गई है डीएपी
जिन 10 निजी समितियों को डीएपी दी गई है उसमें कुदरहा को चार बार में 100 मीट्रिक टन, मनवर समिति को तीन बार में 75 मीट्रिक टन, मझौवामीर को दो बार में 45 मीट्रिक टन, करहली को दो बार में 50 एमटी, पोखरा बाजार को एक बार में 25 एमटी, चौबाह को 20 एमटी, शुभ उपभोक्ता समिति को पांच एमटी, गायघाट को 19 एमटी, जय दुर्गा चिलमा बाजार 20 एमटी और बहादुरपुर स्थित समिति को 20 एमटी शामिल है।
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