गांधीनगर मार्ग पर बंद पड़ा रेस्टोरेंट। संवाद
बस्ती। काॅमर्शियल सिलिंडरों की आपूर्ति 20 दिन से ठप हाेने से होटल, ढाबा और रेस्टोरेंट का कारोबार अब चौपट होने लगा है। शहरी क्षेत्र के सघन आबादी में बने लग्जरी होटल और रेस्टोरेंट तो बंद होने के कगार पर है। कुछ होटलाें में रेस्टोरेंट का काम बंद हो गया है। यहां ठहरने वाले लोग बाहर जाकर नास्ता-खाना खा रहे हैं। कई ढाबों पर भट्ठी पर खाना पकाया जा रहा है, हालांकि वैरायटी में कमी आई है।
हाईवे पर संचालित एक होटल के मालिक सुजीत बताते हैं कि उनके यहां एक सप्ताह से भट्ठियों पर ग्राहकों के लिए भोजन, नाश्ता आदि तैयार किया जा रहा है। इसमें समय ज्यादा लग रहा है। कुछ फास्टफूड एवं फ्राइड वेज और नाॅनवेज के आइटम बनाना बंद करना पड़ा है। क्योंकि भट्ठी पर पनीर टिक्का, चिकन फ्राई, चिल्ली आइटम समेत कई व्यंजन नहीं तैयार हो पा रहे हैं। ऐसे में आर्डर लेने से मना करने पर ग्राहक टूट रहे हैं। ऑनलाइन बुकिंग तो बिल्कुल बंद कर दी गई है।
वहीं फूड सप्लाई कंपनियों के डिलीवरी ब्वॉय भी परेशान हैं। कैरियर का काम करने वाले रमेश कुमार बताते हैं कि भोजन, नाश्ता के ऑनलाइन ऑर्डर कैंसिल कर दिए जा रहे हैं। क्योंकि फूड कंपनियों का जिन होटलों से सेटिंग था अब वहां समय से ऑर्डर नहीं मिल पा रहा है। पहले रोजाना की दिहाड़ी 800 से एक हजार तक बनती रही। अब 400 से 500 रुपये भी नहीं कमा पा रहे हैं। फूड वैन का कारोबार तो एकदम ठप हो गया है।