बहादुरपुर सब सेंटर पर टीकाकरण का निरीक्षण करते डीआईओ डॉ. एके चौधरी स्रोत विभाग
बस्ती। नियमित टीकाकरण कार्यक्रम में लापरवाही और संसाधनों की कमी सामने आई है। बुधवार को जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. अशोक कुमार चौधरी ने विभिन्न टीकाकरण सत्र स्थलों का निरीक्षण किया। कहीं स्वास्थ्य कर्मी अनुपस्थित मिले तो कहीं टीकाकरण की उपलब्धि बेहद कम रही। कई केंद्रों पर बीपी मशीन और हीमोग्लोबिन मीटर नहीं थे। गर्भवती महिलाओं के हीमोग्लोबिन की जांच भी पेपर से की जा रही थी। स्वास्थ्य कर्मियों ने बताया कि स्ट्रिप नहीं मिलने से हीमोग्लोबिन जांच मशीनें बेकार पड़ी हैं।
आंगनबाड़ी केंद्र देवापार, आरआई सेंटर बभनियाव और आयुष्मान आरोग्य मंदिर मड़वान के निरीक्षण में टीकाकरण कार्यक्रम के क्रियान्वयन में कमियां मिलीं। पीएचसी देवापार के आंगनबाड़ी केंद्र पर एएनएम श्रुति अनुपस्थित मिलीं। 19 लक्ष्य के सापेक्ष 10 लाभार्थियों का टीकाकरण हुआ। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी ने अधीक्षक को अनुपस्थित एएनएम से स्पष्टीकरण लेकर कार्रवाई के निर्देश दिए।
विकासखंड बहादुरपुर के आरआई सेंटर बभनियाव में एएनएम सुमन यादव, गरिमा तिवारी, आशा इंदु देवी और आंगनबाड़ी बबिता सिंह उपस्थित मिलीं। हालांकि, आंगनबाड़ी उर्मिला देवी के पास लाभार्थियों की ड्यू लिस्ट नहीं थी। यहां भी बीपी मशीन और हीमोग्लोबिन मीटर उपलब्ध नहीं मिले। इस पर अधीक्षक बहादुरपुर को बाल विकास परियोजना अधिकारी से समन्वय स्थापित कर संबंधित आंगनबाड़ी कार्यकर्ता से स्पष्टीकरण प्राप्त करने के निर्देश दिए गए।
आयुष्मान आरोग्य मंदिर मड़वान में आशा ज्योति बिना पूर्व सूचना के अनुपस्थित मिलीं। बीएचडब्ल्यू/सुपरवाइजर शुभम कुमार यादव और एचबी कुशलावती देवी उपस्थित थीं, लेकिन दोनों को विटामिन-ए कार्यक्रम की अपेक्षित जानकारी नहीं थी। यहां लक्ष्य 20 के सापेक्ष केवल चार का टीकाकरण किया गया। केंद्र पर हीमोग्लोबिन मीटर और इन्वर्टर बैटरी भी नहीं मिली।
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी ने अनुपस्थित आशा के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए। साथ ही संबंधित कर्मचारियों को विटामिन-ए कार्यक्रम, नियमित टीकाकरण और स्वास्थ्य सेवाओं के संचालन के संबंध में प्रशिक्षण देने को कहा। छूटे हुए लाभार्थियों की सूची तैयार कर उनका टीकाकरण सुनिश्चित कराने तथा केंद्रों पर हीमोग्लोबिन मीटर और विद्युत बैकअप की व्यवस्था करने के निर्देश भी दिए गए।