असलहों का लाइसेंस निरस्त करने की पत्रावली भेजने पर पूर्व मंत्री नाराज
- राजनीति द्वेष का लगाया आरोप, सुरक्षा का खतरा बताया
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। प्रदेश सरकार के पूर्व मंत्री राम प्रसाद चौधरी व उनके परिवार के करीब छह असलहे को निरस्त करने के लिए कोतवाली पुलिस ने पत्रावली डीएम के पास भेजी है। इसकी जानकारी होते ही वे भड़क गए हैं। इसके लिए उन्होंने भाजपा के दिग्गजों पर राजनीतिक द्वेष वश में यह कदम उठाने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा है कि मेरे पर कोई भी ऐसा मुकदमा नहीं है, जिसमें असलहों का प्रदर्शन पाया गया हो। बेटे के खिलाफ षड्यंत्र कर एक घटना को पुलिस ने दर्शा दिया है।
बुधवार को जारी विज्ञप्ति में पूर्व मंत्री चौधरी ने कहा है कि जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव में सपा प्रत्याशी का समर्थन करने पर सत्ता पक्ष के लोग बौखला गए हैं। 28 जून को सत्ता पक्ष के लोगों के इशारे पर मेरा, मेरे पुत्र कविंद्र चौधरी व पत्नी कपूरा देवी का शस्त्र लाइसेंस निरस्त करने की पत्रावली कोतवाली पुलिस ने डीएम को भेजी है। उन्होंने कहा पुलिस का यह कदम उचित नहीं है। मेरे व बेटे पर जो भी मुकदमा दर्शाया गया है, वह सब चुनावी रंजिश का हिस्सा है। कोतवाल शिवाकांत मिश्र ने कहा कि यह कार्रवाई मेरे कार्यकाल की नहीं है। पुलिस ने किस आधार पर संस्तुति दी है। इसे देखता हूं। प्रभारी डीएम सीडीओ डॉ. राजेश प्रजापति ने कहा कि ऐसा कोई मामला मेरे संज्ञान में नहीं है। कोई पत्रावली मेरे सामने अब तक नहीं आई है। फिर भी यदि संस्तुति की गई है तो इसे देखा जाएगा।