बस्ती। अरुणाचल प्रदेश से बड़े पैमाने पर बैकलॉग इंट्री करा बस्ती से पता बदलवाकर हैवी ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के मामले की जांच फिर से शासन स्तर से शुरू हो गई है। शुक्रवार को तीन सदस्यीय तकनीकी जांच टीम शासन से बस्ती पहुंची।
टीम ने फर्जी डीएल प्रकरण से संबंधित अभिलेख खंगाले और कुछ डाटा अपने साथ ले गई। इस मामले को लेकर शासन ने परिवहन आयुक्त से लेकर डीएम और विभाग के स्थानीय अफसरों ने जांच की है।
शुक्रवार को शासन से नामित तकनीकी जांच टीम में अपर परिवहन आयुक्त लखनऊ डॉ. आरके विश्वकर्मा, उप परिवहन आयुक्त परिक्षेत्र कानपुर आरआर सोनी, एनआईसी लखनऊ के पीयूष श्रीवास्तव बस्ती पहुंचे। टीम सीधे कैली स्थित परिवहन विभाग कार्यालय पहुंची। टीम यहां बैकलॉग एंट्री के जरिये बनवाए गए डीएल के अभिलेख को देखा। डाटा जांच करते हुए कुछ अभिलेख एकत्र किए।
बताया गया कि जिन डीएल पर ज्यादा संदेह है, उनकी हिस्ट्री को भी देखा। इस दौरान पूरे कार्यालय में हड़कंप की स्थिति रही। हैवी डीएल में पता बदलने का अप्रूवल देने के लिए अधिकृत जिम्मेदार अधिकारी समेत अन्य नामित बाबू नाटकीय खेल में घिर गए हैं। बताया गया कि सारथी पोर्टल पर हैवी डीएल के बैकलॉग एंट्री का डाटा प्रदर्शित नहीं होता है। यह भी नहीं पता चलता कि बैकलॉग एंट्री किस जनपद या किसी प्रदेश से किया गया है। इसी प्रकरण की जांच शासन ने तकनीकी टीम लगाकर दोबारा जांच करा रही है।
आरटीओ प्रशासन फरीउद्दीन ने बताया कि टीम आई थी। जो-जो अभिलेख मांगे गए थे, उसे उपलब्ध कराया गया। बस्ती में बड़े पैमाने पर फर्जी डीएल बनवाए गए हैं। इसे लेकर शासन स्तर से जांच चल रही है।