चोरी में बाधक बनना बना मौत का कारण
पूछताछ में अभियुक्तों ने बताया कि वे आपपास के गांव में बाहर खड़ी गाड़ियों से बैटरियां चोरी करते हैं। 12 फरवरी की रात पहले वे लोग ग्राम लोनहा में ट्रैक्टर की बैट्री चोरी करने गए थे। जैसै ही बैटरी खोल रहे थे कि एक नट नीचे गिर गया। आवाज सुनकर वहां सो रही एक महिला जग गई और चोर-चोर कहकर चिल्लाने लगी। जिससे वहां से खाली हाथ डर कर भाग गए।
अभियुक्तों के अनुसार वहां से दोनों ग्राम खलवा बजहिया में टीन शेड के नीचे खड़े स्वराज ट्रैक्टर की बैटरी खोलने लगे। वहीं पर सो रहा मोहित जग गया और राजन विश्वकर्मा को पकड़ लिया। इससे राज को लगा कि वे लोग पकड़े जाएंगे। पास में पड़े बांस के डंडे से मोहित के सिर पर मार दिया। जिससे वह बेहोश हो गया। गांव के आसपास होने की वजह से चोरों को डर था कि कहीं मोहित उसे न पहचान ले, इसलिए मोहित को बिस्तर पर लेटाकर जान से मारने की नियत से उसके ऊपर कई बार वार किया और उसका मोबाइल व ट्रैक्टर की बैटरी लेकर वहां से भाग गया।
लहूलुहान पड़े मिले थे मोहित
12 फरवरी की रात पंडितपुर गांव निवासी 35 वर्षीय मोहित चौधरी पुत्र तिलकराम घर पर खाना खाने के बाद कुआनो नदी महादेवा घाट के निकट बने अपने दूसरे मकान पर सोने चले गए। आधी रात को अज्ञात हमलावरों ने धारदार हथियार से हमला कर गंभीर रुप से घायल कर दिया। पूरी रात मोहित अचेत अवस्था में खून से लथपथ वहीं पड़े रहे। अगली सुबह जानकारी होने पर परिवारी जनों ने मोहित को जिला अस्पताल में भर्ती कराया। जहां से मेडिकल कालेज लखनऊ रेफर कर दिया गया था। जहां रविवार की देर रात इलाज के दौरान मोहित की मौत हो गई।