बस्ती। बिजली निगम के कर्मचारियों का विरोध प्रदर्शन सोमवार को भी मुख्य अभियंता कार्यालय पर जारी रहा। वक्ताओं ने कहा कि उत्तर प्रदेश में बिजली के निजीकरण का टेंडर होते ही पूरे देश के 27 लाख बिजलीकर्मी एक दिन की सांकेतिक हड़ताल करेंगे।
यह निर्णय नेशनल कोऑर्डिनेशन कमेटी ऑफ़ इलेक्ट्रिसिटी इंप्लाइज एंड इंजीनियर्स की राष्ट्रीय कोर कमेटी की सोमवार को दिल्ली में हुई बैठक में लिया गया है। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के संयोजक अशर्फी लाल ने कहा सरकार बिजली निगम के निजीकरण पर आमादा है। इसलिए अब सभी संगठन मिल कर संघर्ष करेंगे।
समिति के सह संयोजक पंकज कुमार ने कहा कि कोऑर्डिनेशन कमेटी ने यह भी निर्णय लिया कि पूरे देश में खासकर उप्र में चल रही बिजली की निजीकरण की प्रक्रिया के विरोध में 09 जुलाई को देशभर के तमाम बिजली कर्मी निजीकरण के विरोध में राष्ट्रव्यापी हड़ताल करेंगे। नेशनल कोऑर्डिनेशन कमेटी ऑफ इलेक्ट्रिसिटी इंप्लाइज एंड इंजीनियर्स ने केंद्र सरकार से मांग की है कि किसानों, आम घरेलू उपभोक्ताओं और गरीब उपभोक्ताओं के व्यापक हित में केंद्र सरकार तत्काल हस्तक्षेप कर उत्तर प्रदेश में चल रही बिजली की निजीकरण की प्रक्रिया को निरस्त कराए।
उन्होंने बताया कि लखनऊ में आगामी 22 जून को किसानों, आम घरेलू उपभोक्ताओं और बिजली कर्मियों की हो रही महापंचायत में कोऑर्डिनेशन कमेटी के राष्ट्रीय पदाधिकारी सम्मिलित होंगे। 22 जून की महापंचायत बिजली के निजीकरण के विरोध में निर्णायक जन आंदोलन का फैसला लिया जाएगा।
यहां विरोध प्रदर्शन में बागीस गुप्ता, प्रभाकर कुमार, सुनील यादव, अनंत यादव, आशुतोष कुमार, पंकज कुमार, घनश्याम यादव, अनुज कनौजिया, आशुतोष लहरी, मनोज कुमार, विजयपाल, राजेश कुमार, अशोक चंद पाल आदि शामिल थे।