बस्ती। परशुरामपुर थाना क्षेत्र के नेदुला गांव में बड़ी मात्रा में डुप्लीकेट डीईएफ यूरिया (डीजल एग्जॉस्ट फ्लूइड) बनाने की सामग्री पकड़ी गई है। आईपी इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के जांच अधिकारी प्रोटेक्ट टीकेश्वरनाथ झा ने छापेमारी कर इस खेल का भंडाफोड़ किया है।
पुलिस ने तीन लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। परशुरामपुर क्षेत्र में नकली डीईएफ यूरिया तैयार करने का यह दूसरा बड़ा मामला पकड़ में आया है। जांच अधिकारी के अनुसार छापेमारी के दौरान आरोपियों के पास से टाटा मोटर्स की प्रिंट वाली नकली डीईएफ यूरिया की 136 बाल्टी, ढक्कन 200 पीस, नकली लिक्विड से भरी हुई बाल्टी तीन पीस और एक हजार लीटर की डीईएफ लिक्विड की टंकी और एक अदद नकली बाल्टी बरामद की गई है।
जांच अधिकारी ने आरोप लगाया है कि नकली डीईएफ यूरिया तैयार करके बाजार में खपाया जा रहा था। इससे कंपनी की साख घट रही है। आम ग्राहक लोगो आदि देखने के बाद नकली यूरिया को टाटा कंपनी का समझकर उपयोग में लाते हैं।
पुलिस ने नेदुला गांव के रहने वाले दीपक पांडेय, अंकित पांडेय और नथऊपुर गांव निवासी आदित्य त्रिपाठी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर मामले की तफ्तीश शुरू कर दी है। इसके पहले भी इस थाना क्षेत्र में नकली डीईएफ यूरिया की फैक्टरी पकड़ी जा चुकी है।