बस्ती। मौसम की बेरुखी लोगों की सेहत पर भारी पड़ रही है। कोहरा से धुंध है। डॉक्टरों के अनुसार, बारिश न होने से मौसम से नमी गायब हो गई है। ऐसे में सूखी ठंड लोगों को बीमार कर रही है।अंदाजा लगाया जा सकता है इन दिनों अस्पतालों में वॉयरल, निमोनिया और सांस के मरीजों की संख्या में खासा उछाल आया है।
चिकित्सकों के मुताबिक, मौसम में नमी खत्म होने से सेहत खराब हो रही है। बारिश होने के बाद बीमारी कम होंगी। इन दिनों जिले के अस्पतालों में सांस, वायरल और निमोनिया के मरीज बढ़े हैं। जिला अस्पताल में हर रोज ओपीडी में 700 से आठ सौ के पास मरीज पहुंच रहे हैं। फिजिशियन डॉ. रामजी सोनी के अनुसार, रोजाना 100 से अधिक मरीज सांस की दिक्कत, निमोनिया और वायरल से जूझते हुए इलाज के लिए पहुंच रहे हैं।
ठंड में इन बीमारी का प्रमुख कारण मौसम में नमी खत्म होना है। वातावरण में फैली धूल के चलते बुजुर्गों में सांस की दिक्कत बढ़ी है। वहीं नमी गायब होने से सूखी ठंड के चलते बुजुर्ग, बच्चों के साथ ही हर आयु वर्ग के लोग वायरल और निमोनिया की जकड़ में आ रहे हैं। इन बीमारी के गंभीर रूप लेने से चार से पांच मरीजों को हर रोज भर्ती करना पड़ रहा है।
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बचाव के उपाय
- ठंड से बचाव के लिए गर्म पेय पदार्थों का उपयोग।
- सांस के मरीजों को मास्क का प्रयोग करना आवश्यक।
- पौष्टिक आहार व मौसमी फलों के उपयोग से करें बचाव।
- ठंड से बचने को गर्म कपड़े पहने और सर्दी से बचे।
कोट
जिला अस्पताल में मरीजों के लिए बेहतर सुविधा है। उपचार के साथ ठंड से बचाव संबंधी परामर्श भी दिए जा रहे हैं।
-डॉ़ खालिद रिजवान अहमद, एसआईसी, जिला अस्पताल, बस्ती।