संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। एक दिन पहले कागज में सड़क सुरक्षा माह भले ही पूरा किया गया है। मगर, धरातल पर ठोस उपाय नहीं दिख रहे हैं। यदि इस गफलत में वाहन चलाए कि सड़क सुरक्षा के ठोस उपाय किए जा चुके हैं तो यह भारी पड़ सकता है।
हाईवे ही नहीं शहर की सड़कों पर भी फर्राटा भरना खतरे से खाली नहीं है। हाल ही में मालवीय मार्ग की सड़क मरम्मत कर चमका दी गई है। यहां छोटे-बड़े सभी वाहन अब फर्राटे भरने लगे हैं। मगर, यहां सावधानी बरतना ही लाभदायक है। वरना सड़क के दायरे में स्थित बिजली के खंभे जानलेवा साबित हो सकते हैं।
मालवीय मार्ग की सड़क पहले सात मीटर चौड़ी थी। सात साल पहले इसे डिवाइडर के साथ 12 मीटर चौड़ी बना दी गई। मगर, बिजली के अधिकतर खंभे पुराने स्थान पर ही रह गए। मार्ग चौड़ीकरण के बाद यह खंभे सड़क के दायरे में आ गए।
शुरुआत में खंभे हटवाने के लिए नगर पालिका की ओर से पेशकश की गई थी। बिजली निगम से तालमेल न हो पाने के कारण जस की तस स्थिति में खंभे छोड़ दिए गए। तीन साल तक यह सड़क रोडवेज तिराहे से फव्वारा तिराहे तक जर्जर अवस्था में थी। इस वजह से वाहन धीमी गति से चल रहे थे तो खंभों से दुर्घटना का डर नहीं था। एक माह पहले सवा दो किमी लंबी इस सड़क को 2.32 करोड़ की लागत से बीडीए ने चमका दिया है।
केवल डिवाइडर मरम्मत एवं पेंटिंग का कार्य कुछ हिस्से में बचा हुआ है। सड़क बन जाने के बाद इस मार्ग पर छोटे-बड़े सभी वाहन फर्राटे भरने लगे हैं।
इधर रात में अंधेरा के साथ घना कोहरा भी छाया रहता है। अदृश्यता के चलते खंभे स्पष्ट रूप से नहीं दिखाई दे रहे हैं। जयपुरवा निवासी रामचंद्र ने कहा कि मालवीय मार्ग पर बड़े वाहन को ओवरटेक करते समय गाड़ी किनारे से निकालनी पड़ती है। कोहरे में अचानक खंभा देकर विचलित हो जाना पड़ रहा है। रौता के पिंकू पांडेय ने कहा कि सड़क तो बना दी गई। मगर, सुरक्षा की दृष्टि से खंभे और ट्रांसफार्मर फुटपाथ के बाहर नहीं किए गए।