कार्तिक पूर्णिमा आज, श्रद्धालु लगाएंगे आस्था की डुबकी
जिले की प्रमुख नदियों के तट पर लगेंगे मेले, सूर्यास्त से पहले तक स्नान-दान का शुभ मुहूर्त
बस्ती। कार्तिक पूर्णिमा पर शुक्रवार को जिले भर की नदियों में श्रद्धालु आस्था की डुबकी लगाएंगे। इस दौरान परंपरा के अनुसार श्रद्धालुओं द्वारा अन्न व गोदान किया जाएगा। विभिन्न स्थलों पर मेले लगेंगे।
ऐसी मान्यता है कि कार्तिक माह की पूर्णिमा के दिन सिख धर्म के पहले गुरु यानी गुरु नानकदेव का जन्म हुआ था। इस वजह से भी हिंदू और सिख धर्म के अनुयायी कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा को गुरु पर्व, प्रकाश पर्व या प्रकाश उत्सव के रूप मनाते हैं। इस अवसर पर गुरुद्वारों में अरदास की जाती है। जगह-जगह पर लंगर का आयोजन होता है। ज्योतिषियों के मुताबिक पूर्णिमा तिथि 18 नवंबर को दोपहर 12:01 बजे से शुरू होकर 19 नवंबर को दोपहर 2:28 बजे समाप्त होगी। पूर्णिमा तिथि के दिन स्नान का शुभ मुहूर्त शुक्रवार दोपहर 2:28 बजे तक है। दान करने का शुभ समय 19 नवंबर को सूर्यास्त से पहले तक है।
ज्योतिषाचार्य मोहित मिश्र ने बताया कि कार्तिक पूर्णिमा के दिन तुलसी पूजा का विशेष महत्व होता है। यदि आप देवउठनी एकादशी के दिन तुलसी पूजा नहीं कर पाएं हैं तो कार्तिक पूर्णिमा के दिन कर सकते हैं। ऐसा करने से घर में सुख-समृद्धि का वास होता है। यदि कुंडली में चंद्रमा कमजोर हो तो कार्तिक पूर्णिमा के दिन चावल का दान करने से लाभ होता है। इस दिन दीपदान और तुलसी पूजा जरूर करनी चाहिए।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार जब देव पूजन में प्रथम स्थान के लिए कार्तिकेय की गणेश से प्रतियोगिता हुई तो वह हार गए। क्रोधित होकर कार्तिकेय तप करने चले गए, उस दौरान उन्होंने श्राप दिया था कि यदि कोई पुरूरुष या महिला उनके पास जाएगी तो उसे नरक भोगना पड़ेगा। भगवान शिव व माता पार्वती के मनाने पर उन्होंने कहा था वर्ष में एक दिन सिर्फ कार्तिक पूर्णिमा को ही मिल सकते हैं। तभी से कार्तिक पूर्णिमा पर उन्हें प्रसन्न करने के लिए लोग स्नान-दान इत्यदि करते हैं।
कार्तिक पूर्णिमा को वर्जित है ये काम
कार्तिक पूर्णिमा के दिन किसी से बहस न करें, किसी को अपशब्द न कहें, नॉनवेज और शराब का सेवन गलती से न करें, ऐसा करने से कई तरह के अशुभ फल मिलते हैं। किसी असहाय या गरीब व्यक्ति का अपमान न करें। क्योंकि इस दिन गरीबों और असहायों की मदद और उन्हें दान देने से शुभ फल मिलते हैं, नाखून और बाल न काटें।