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डेंगू और संक्रामक रोगों से बचाव का खाका तैयार, नहीं शुरू हुआ क्रियान्वयन

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डेंगू और संक्रामक रोगों से बचाव का खाका तैयार, नहीं शुरू हुआ क्रियान्वयन
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संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। बदलते मौसम में डेंगू और संक्रामक रोगों के फैलने का अंदेशा बढ़ गया है। जिले में अब तक 11 डेंगू और करीब 18 एईएस के रोगी मिल चुके हैं। इसे देखते हुए प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की ओर से रोगों से बचाव का खाका तैयार कर लिया गया। बावजूद इसके अभी क्रियान्वयन शुरू नहीं हुआ है। धरातल पर जल्द इसे नहीं उतारा गया तो स्थितियाें के बिगड़ने से इन्कार नहीं किया जा सकता।
शहर के किसी मोहल्ले में भी चले जाएं, वहां नालियां चोक मिलेंगी। आवश्यक कार्रवाई न करने के कारण तमाम व्यवसायिक संस्थाएं व मैरेज हाल सड़क पर पानी गिरा रहे हैं, जिससे मोहल्लों की सड़कों पर भी पानी जमा है। जल निकासी की व्यवस्था बेहतर न होने के चलते बारिश ने स्थिति और बिगाड़ दी है। इसके बाद भी नगरपालिका व ग्रामीण इलाके में ब्लॉक स्तर के जिम्मेदार चुप्पी साधे हुए हैं। संक्रामक रोगों से लड़ने के लिए शहर से लेकर गांव तक स्वच्छता की बयार तो कागजों में खूब बह रही है, मगर शहर व गांव दोनो गंदगी से पटे हैं।
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सूत्रों के अनुसार, बुखार, खांसी व जुकाम से बच्चे व बुजुर्ग बड़ी संख्या में प्रभावित हैं, मगर जिम्मेदार केवल इनके इलाज तक ही कार्रवाई कर सके हैं। सीएमओ डॉ. अनूप कुमार ने कहा कि संक्रामक रोगों की चुनौती से लड़ने का विभाग तैयार है। जगह-जगह गंदगी के सफाई की जिम्मेदारी शहर में पालिका तो गांव में ब्लाक व ग्राम पंचायत की है। ईओ नगर पालिका अखिलेश त्रिपाठी ने कहा कि शहरी क्षेत्र में सफाई के लिए टीम उतारी गई है। छिड़काव व फागिंग कराने की योजना पर काम शुरू हो गया है। जल्द ही नालियों में एंटी लार्वा का छिड़काव करा दिया जाएगा।
जिले भर में दिए गए हैं छिड़काव व फॉगिंग के निर्देश
प्रभारी डीएम/सीडीओ डॉ. राजेश प्रजापति ने कहा कि शहर सहित जिले भर में एंटी लार्वा छिड़काव व फॉगिंग के निर्देश दिए गए हैं। पंचायत राज विभाग को यह निर्देश दिया गया है कि वे गांव-गांव सफाई कर्मियों को निर्देश दे कि वे हर दिन सफाई करें, जहां जल भराव हो उसे तत्काल दूर कराएं। संक्रामक रोगों की स्थिति को देखते हुए नगर पालिका को भी आवश्यक दिशा निर्देश देकर सफाई कराने को कहा गया है।
घर में चला जाता है नाले का पानी
शहर के खौरहवा कॉलोनी निवासी उत्कर्ष ने कहा कि केवल कागजों में सफाई व जल निकास की व्यवस्था अपने शहर में है। ऐसे में संक्रामक बीमारी का खतरा शहर से गांव तक है। जिम्मेदार केवल कागजों में लड़ने की तैयारी कर चुके हैं। कोरोना की तर्ज पर ही वायरल फीवर व अन्य बीमारियों के इलाज की यहां व्यवस्था है। मालवीय रोड निवासी गृहणी रेनू सिंह ने कहा कि मोहल्ले की नाली पूरी तरह चोक है। यहां पानी सड़क पर बह रहा है। एक रास्ते पर मैरेज हाल से निकला गंदा पानी लोगों को दर्द दे रहा है, मगर जिम्मेदार ऐसे लोगों पर कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। फिर कैसे संभव है कि संक्रामक रोग से लड़ा जाएगा। श्वेता श्रीवास्तव ने कहा कि घर तो सड़क पर है, मगर नाले का पानी घर में चला आता है। कभी सफाई हुई तो और स्थिति खराब हो जाती है। अव्यवस्थित नाला के चलते शहर के लोग परेशान है। संक्रामक बीमारी की चुनौती से जिम्मेदारी कागजी जंग जीतेंगे, कोरोना के हालात से सभी जान गए हैं कि स्वास्थ्य विभाग के पास कितनी क्षमता है।
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संक्रामक बीमारियों के लिए संजय कॉलोनी में स्थिति अनुकूल
बस्ती। शहर से सटे पुरानी बस्ती क्षेत्र में स्थित साऊंघाट ब्लाक के ग्राम सभा महुड़र में संजय कॉलोनी है। यहां करीब ढाई सौ घर हैं, मगर यहां 12 माह गंदा पानी भरा रहता है। यहां करीब दो से तीन फीट पानी लगा है। जिसमें से होकर लोग आने जाने को मजबूर हैं। इसके चलते इस पूरे इलाके में संक्रामक रोगों का खतरा बना हुआ है। कॉलोनी में स्थित साईंनाथ मंदिर में आने वाले श्रद्धालु बेहद मर्माहत हैं। विधायक सदर तक बात पहुंची, मगर अब तक कोई परिणाम नहीं है। आदर्श व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष सुनील कुमार गुप्ता ने प्रभारी बीडीओ तक बात पहुंचाई, वह भी एक नहीं तीन बार, मगर नतीजा ढाक के तीन पात जैसा ही है। यहां के नागरिक इन स्थितियों को लेकर आंदोलन का मन बना रहे हैं।
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