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समय सीमा पूरी होने के बाद भी दौड़ रही निगम की बसें

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परिवहन निगम : समय सीमा खत्म होने पर भी दौड़ रहीं बसें
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बस्ती। परिवहन निगम की बसों में यदि आप सफर कर रहे हैं तो संभलकर रहें। क्योंकि, ये बसें कहीं भी खराब हो सकती हैं। दरअसल परिवहन निगम जिले में 40 प्रतिशत से अधिक ऐसी बसों को सड़कों पर दौड़ा रहा है, जिनकी आयुसीमा पूरी कई साल पहले ही पूरी चुकीहै। लेकिन, उसके बाद भी इन बसों को बदलने पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
परिवहन निगम के मानक के अनुसार बसों की समय सीमा 20 साल या फिर 12 से 14 लाख किलोमीटर चलाने के बाद पूरी हो जाती है। जबकि, बस्ती डिपो की 40 प्रतिशत से अधिक बसें 15 लाख किलोमीटर से भी अधिक चल चुकी है। यानी परिवहन निगम के 90 बसों के बेडे़े में 25 अनुबंधित बसें हैं। शेष 65 बसों में से करीब 26 बसें आयुसीमा पूरी कर चुकने के बाद भी रूटों पर दौड़ रही हैं। ऐसे में अक्सर रास्ते में बसों के पहिए रुक जाते हैं। फिर भी बार-बार मरम्मत कर चलाया जाता है। बस खराब होने पर यात्री बस को धक्का लगाते हैं या उनको दूसरे बस में शिफ्ट कर दिया जाता है जिससे यात्रियों को खासी परेशानी होती है।
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कोरोना संक्रमण काल के बाद जब बसों का संचालन शुरू हुआ तो बस्ती डिपो ने भी अच्छी खासी आय दी। लेकिन, यात्री सुविधाओं पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। यात्रियों को सबसे ज्यादा आंबेडकरनगर, गोरखपुर, सिद्धार्थनगर, बांसी, बनारस, इलाहाबाद लखनऊ समेत अन्य लंबी दूरी की बसों में दिक्कतें होती हैं। ज्यादातर बसों में सीटें फट चुकी है। इसके अलावा बसों की साफ-सफाई पर भी कोई ध्यान नहीं दिया जाता है। यही नहीं, अग्निशमन यंत्र भी ज्यादातर बसों से गायब हो चुके हैं या फिर शो- पीस बनकर रह गए। यात्री राजेश कुमार ने बताया कि जब यात्रियों से पूरा किराया लिया जाता है तो सुविधा भी मिलनी चाहिए। बसों से लंबी दूरी का सफर करना मुश्किल हो जाता है। निगम भी सुविधाओं के नाम पर सिर्फ झूठे दावे करता है। कोई अधिकारी या जनप्रतिनिधि बसों की हालत तक नहीं देखने आता है।
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- 90 निगम की बसें हैं
- 25 अनुबंधित बसें है
- 14 लाख आय प्रतिदिन होती है
- 12 हजार यात्री हर दिन सफर करते हैं
समय सीमा पूरी हो चुकी बसों का निस्तारण कराने के लिए मुख्यालय को पत्र भेजा जा चुका है। डिपो में 20 बसें लगाने के लिए प्रस्ताव भी गया है। लेकिन, कोरोना संक्रमण के कारण दो वर्षों से नई बसों की खरीदारी नहीं हुई। यात्री समस्याओं के समाधान का प्रयास किया जा रहा है।
-सूबेदार सिंह, स्टेशन प्रभारी
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