बस्ती। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश रमाशंकर सिंह ने दहेज हत्या के मामले में दोषी करार देते हुए एक ही परिवार के छह सदस्यों को सजा सुनाई है। इनमें पति और जेठ को आजीवन कारावास, सास, ससुर और देवर को सात-सात साल के सश्रम कारावास और जेठ के पुत्र को दहेज उत्पीड़न के मामले में तीन वर्ष की सजा सुनाई है।
शासकीय अधिवक्ता ने कोर्ट में बताया कि वादी मुकदमा संजय कुमार अग्रहरि निवासी दुल्हा शुमाली टोला ककरहवा, थाना मोहाना जिला सिद्धार्थनगर ने 19 फरवरी 2011 को सोनहा बस्ती थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई। कहा कि उसने अपनी बहन पुष्पा देवी की शादी 12 दिसंबर 2009 को सोनहा थाना क्षेत्र के भानपुर निवासी प्रहलाद अग्रहरि के बेटे विनय कुमार अग्रहरि के साथ की थी।
शादी में ही विदाई कर दी गई। इसके बाद ससुराल वाले उसे दहेज के लिए प्रताड़ित करने लगे। 18 फरवरी 2011 की शाम को ससुराल वालों ने उसकी बहन के ऊपर मिट्टी का तेल डाल कर आग लगा दी। गंभीर हालत में जिला अस्पताल लाया गया, मेडिकल कालेज गोरखपुर में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मरने से पूर्व वह मजिस्ट्रेट को अपना बयान दे गई थी। मुकदमा दर्ज होने के बाद आरोप पत्र दाखिल किया गया।
अभियोजन की तरफ से वादी सहित 12 गवाहों के बयान दर्ज किए गए। बचाव पक्ष ने कहा कि खाना बनाते समय हादसा हुआ। गवाहों के बयानों व सबूतों के आधार पर जज ने पति विनय कुमार, जेठ अशोक कुमार को आजीवन कारावास, सास कौशिल्या देवी, ससुर प्रहलाद, देवर दुर्गा प्रसाद उर्फ दुर्गेश को सात सात वर्ष का सश्रम कारावास, जेठ के लड़के प्रेमचंद्र को तीन वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। इसके अलावा अशोक पर 12 हजार, शेष अन्य पर छह छह हजार का अर्थदंड लगाया, जिसे न अदा करने पर दो दो माह का अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी पड़ेगी।