फरारी में गुजार दी उम्र, दबोचा गया
बस्ती।
गिरोह बनाकर लूट-छिनैती करनेे वाले एक ऐसे हिस्ट्रीशीटर को दबोचने में पुलिस कामयाब हुई, जिसे 31 वर्ष से ढूंढ रही थी। यह फैजाबाद जिले का रहने वाला है। सोमवार को बस्ती में पेशी थी।
उम्र के ज्यादातर दिन फरारी में काट देने वाले राम सुंदर को 1986 में कप्तानगंज पुलिस ने गिरोह समेत गिरफ्तार कर उसपर गैंगस्टर एक्ट लगाया था। फैजाबाद के पूरा कलंदर थाने का निवासी दो वर्ष बाद जमानत पर छूटा लेकिन वह पुलिस की आंख में धूल झोंककर छिपता रहा। सोमवार को उसे बस्ती जाते समय दबोच लिया गया। अस्सी के दशक में बस्ती और फैजाबाद जिले में राम सुंदर गैैंग दहशत का पर्याय बन गया था। भौगोलिक विसंगतियों का फायदा उठाकर यह गिरोह पुलिस को लगातार मात देता रहा। पूरा कलंदर थाने के कुरावा के रहने वाले रामसुंदर के गिरोह में उसे लेकर तब चार सदस्य थे। लूट, छिनैती, रोड होल्डअप जैसे संगीन अपराध करने वाले गिरोह को 1984 में कप्तानगंज पुलिस ने पकड़ा और चारों पर गैंगस्टर की कार्रवाई की गई। करीब दो साल बाद जमानत पर रिहा होते ही यह गिरोह फिर सक्रिय हो गया।
कप्तानगंज के एसओ का कहना है कि रामसुंदर पूरा कलंदर थाने का भी हिस्ट्रीशीटर है। उसके गिरोह के दो बदमाशों की मौत हो चुकी है। जबकि राम सुंदर समेत दो पर गैंगस्टर में मुकदमा चलता रहा। कोर्ट ने राम सुंदर को हाजिर करने का कई बार आदेश दिया लेकिन पुलिस कामयाब नहीं हुई। सोमवार को सटीक मुखबिरी के चलते बस्ती कोर्ट में चल रहे मुकदमे की पैरवी करने जाते समय राम सुंदर को गिरफ्तार कर लिया गया। एसपी संकल्प शर्मा ने बताया कि पुराने लंबित मामले में उल्लेखनीय कार्रवाई राहत देने वाली है।