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स्कूली टेंपो पर गिरी दीवार, शिक्षिकाओं समेत 10 घायल
प्वाइंटर
टेंपो में थीं दो शिक्षिकाएं और आठ छात्र-छात्राएं
रुधौली थाना क्षेत्र के पकरी जई में हुई दुर्घटना
अमर उजाला ब्यूरो
रुधौली। पकरीजई गांव में सोमवार सुबह बारिश के दौरान बच्चों को स्कूल ले जा रहे टेंपो पर दीवार ढह गई। हादसे में टेंपो में बैठे आठ छात्र-छात्राओं समेत दो शिक्षिकाएं व चालक गंभीर रूप से घायल हुए हैं। सूचना पर पहुंचे संबंधित विद्यालय के प्रबंधक ने दूसरी गाड़ी से सभी घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाया जहां उनका इलाज चल रहा है।
रुधौली थाना क्षेत्र के मानपट्टी गांव में निजी विद्यालय जेपी पब्लिक स्कूल संचालित हो रहा है। सोमवार सुबह चालक पृथ्वीपाल गौतम टेंपो (यूपी 51 एटी 4310) में दो महिला शिक्षकों और आठ बच्चों को लेकर स्कूल के लिए निकला था। इसमें सेमरा के पांच और पकरी जई गांव के तीन बच्चे सवार थे। गांव के कृपाशंकर पांडेय की ईंट की कच्ची दीवार के बगल से टेंपो गुजर रहा था कि बारिश से कमजोर हुई दीवार अचानक टेंपो पर ही ढह गई। बच्चों की चीख-पुकार सुन आसपास के लोग घटनास्थल पर पहुंचे और उन्हें बाहर निकाला। घटना की सूचना विद्यालय के प्रबंधक जयप्रकाश भट्ट को दी गई। हालांकि सोमवार सुबह स्कूली टेंपो पर दीवार गिरने से छात्र-छात्राओं के घायल होने के बाद से ही विद्यालय के प्रबंधक का मोबाइल स्विच ऑफ हो गया और पूरे दिन बंद रहा।
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हादसे में घायल बच्चे और शिक्षिकाएं
सेमरा गांव की वैष्णवी (14), हिमांशु (12), प्रियांशु (10), अनन्या (12), सानिया (10), वर्ष एवं पकरी जई के उमेश (2 वर्ष), शिवा (10), शशिकांत (7) का नाम शामिल है। इनके अलावा विद्यालय में शिक्षक सोनाली (20), ज्योति (20) और टैंपो चालक पृथ्वीपाल गौतम (40) को भी गंभीर चोटें आई हैं।
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कोट
एबीएसए से केस दर्ज कराने को कहूंगा
घटना के संबंध में कोई जानकारी नहीं है। यदि स्कूल बगैर मान्यता के संचालित किया जा रहा है तो एबीएसए से कहकर एफआईआर कराऊंगा। कोई भी बगैर मान्यता के विद्यालय संचालित नहीं होने पाएगा। विद्यालय वाहनों की जांच आरटीओ की ओर से भी लगातार की जा रही है। - अरुण कुमार, बीएसए
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घटना की वजह प्राकृतिक है
घटना की वजह प्राकृतिक है। यदि घायल बच्चों के माता-पिता चाहेंगे तभी विद्यालय प्रबंधन पर मुकदमा दर्ज होगा। जहां तक मनाही के बावजूद तीन पहिया वाहन से बच्चों को ढोये जाने की बात है तो इसके लिए विद्यालय प्रबंधन से बात की जाएगी। कहीं ऐसा न हो कि तीन पहिया वाहन बंद कर दें तो बच्चे स्कूल ही न जा पाएं। जांच के बाद ही कार्रवाई की जा सकेगी। -अमनदीप डुली, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट/एसडीएम