सीजन का सबसे ठंडा दिन रहा मंगलवार
न्यूनतम तापमान सात और अधिकतर 18 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया
बर्फीली हवाओं ने बढ़ाई गलन, दिन पर छाई रही धुंध, धूप भी नहीं निकली
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। बर्फीली हवाओं ने ऐसी ठिठुरन बढ़ाई कि जिले में मंगलवार सीजन का सबसे ठंडा दिन रहा। धूप नहीं निकलने और कोहरा छाए रहने से अधिकतम तापमान 18 डिग्री और न्यूनतम सात डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बाहर निकलने वालों को गर्म कपड़ों का सहारा लेना पड़ा। वहीं घर में हीटर-ब्लोअर के बिना कंपकंपी छूटती रही। धुंध की वजह से सड़कों पर आवागमन में काफी दिक्कत हुई।
जानकारों का कहना है कि मकर संक्रांति तक इसी तरह का मौसम रहेगा। इस दौरान शीतलहर, पाला, बारिश, कोहरा और ओले गिरने की आशंका है। अगले 24 घंटे के भीतर बादल और बूंदाबांदी के आसार हैं। बर्फीली पछुवा हवा चल सकती है, जिससे तापमान औसत से चार-पांच डिग्री नीचे रह सकता है। वहीं, धूप कम होने से फसलों पर विपरीत असर पड़ सकता है। आचार्य नरेंद्र देव कृषि विश्वविद्यालय कुमारगंज अयोध्या के मौसम वैज्ञानिक डॉ. अमरनाथ मिश्र के मुताबिक, उत्तर पश्चिमी हवाओं के कारण गलन में बढ़ोतरी हुई है। हालांकि बुधवार को हवा की गति कम होगी और थोड़ी बदली देखने को मिल सकती है। इस दौरान ठंड से तो कुछ राहत मिलेगी, लेकिन बदली के कारण धूप कम हो सकती है।
कड़ाके की ठंड से जनजीवन प्रभावित
ठंड के असर से आम जनजीवन काफी प्रभावित रहा। रोजमर्रा के काम समय पर नहीं हो पा रहे हैं। अलाव का माकूल इंतजाम न होने से पटरी दुकानदारों, यात्रियों, रिक्शा चालकों को ठिठुरते देखा गया। सर्दी से बचने के लिए ऊनी कपड़े पहनकर बाहर निकले लोग भी ठंड से परेशान दिखे। रात के वक्त गांधीनगर, पुरानी बस्ती, मंगल बाजार आदि व्यावसायिक इलाकों में चहल-पहल कम देखी गई। कड़ाके की सर्दी में राहगीरों व दोपहिया वाहन चालकों की मुसीबत बढ़ गई है। देर शाम बाइक चलाते समय गलन के कारण हाथ सुन्न पड़ गए। नेहरू तिराहा, रोडवेज बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन सहित सार्वजनिक स्थलों पर गरीब व बेसहारा लोग ठंड से ठिठुरते नजर आए।
ठंड कर रही बीमार, खानपान पर विशेष ध्यान दें डायबिटीज के मरीज
बस्ती। हाड़ कंपा देने वाली ठंड लोगों को बीमार भी कर रही है। जिला अस्पताल की ओपीडी हो या चिल्ड्रेन वार्ड, हर जगह मरीजों की संख्या बढ़ी है। जिला अस्पताल के फिजीशियन डॉ. रामजी सोनी का कहना है कि तापमान में तेजी से गिरावट के कारण शरीर को सुरक्षित रखना बेहद जरूरी है। कोहरा और ठंड दिल के रोगियों के लिए सबसे खतरनाक है। जब भी रजाई या गर्म बिस्तर से बाहर निकलना हो तो बाहरी तापमान से संतुलन बनाकर निकलें। जहां तक संभव हो मार्निंग वॉक से परहेज करें। यदि आवश्यक हो तो शरीर के हर अंग को गर्म कपड़ों में लपेट कर देर से निकलें। कुहरे और धुएं से यथासंभव दूर रहें। इससे सांस लेने में तकलीफ होती है और ब्रांकाइटिस नामक बीमारी घेर लेती है। डायबिटीज के मरीजों को खानपान में विशेष ध्यान देना चाहिए। डॉक्टर के संपर्क में रहकर शुगर लेवल की जांच कराएं। जरा सी लापरवाही से हार्ट व ब्रेन अटैक का खतरा बन सकता है।