बस्ती। सीएचसी विक्रमजोत में तैनात लिपिक को शासन ने घूसखोरी मामले में निलंबित कर दिया है। निलंबित बाबू को चित्रकूट मंडल के एडी कार्यालय से संबंद्घ कर दिया गया है। यह कार्रवाई सीएमओ बस्ती की ओर से भेजे गए संस्तुति पत्र के बाद हुई है।
मामला सीएचसी के एक एएनएम के एरियर भुगतान से जुड़ा हुआ है। एएनएम ने अपने एरियर भुगतान के लिए संबंधित लिपिक से संपर्क किया। आरोप लगाया था कि संपूर्ण एरियर भुगतान के लिए बाबू ने 10 प्रतिशत के हिसाब से 45 हजार रुपये की डिमांड किए थे। न देने पर भुगतान से आनाकानी कर रहे थे। मजबूर होकर 45 हजार रुपये दिए, जिसका वीडियो बना लिया गया था। बाद में वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ और स्वास्थ्य महकमा में हड़कंप मच गया था। इस प्रकरण को संज्ञान लेकर सीएमओ डॉ. राजीव निगम ने निदेशक प्रशासन को संबंधित लिपिक प्रदीप कुमार श्रीवास्तव के खिलाफ निलंबन कार्रवाई और जांच के लिए संस्तुति पत्र भेजा था।
इसके क्रम में शासन ने तत्काल प्रभाव से आरोपी बाबू को निलंबित करते हुए एडी हेल्थ कार्यालय चित्रकूट मंडल संबंद्ध कर दिया और जांच के लिए अलग से कमेटी बनाई गई है। सीएचसी में घूसखोरी के वायरल वीडियो का डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने भी संज्ञान लिया था। उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफार्म के जरिये आरोपी वरिष्ठ सहायक के निलंबन की पुष्टि भी की है। बताते चलें कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र विक्रमजोत के बाबू प्रदीप कुमार श्रीवास्तव पर घूस लेने का आरोप है।
मामले का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। आरोपी बाबू को अपर निदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, चित्रकूट धाम से संबद्ध किया गया है। विभागीय कार्रवाई भी की जा रही है। प्रकरण की जांच के लिए मंडलीय अपर निदेशक, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, चित्रकूट धाम, बांदा मंडल को जांच अधिकारी नामित किया गया है। सीएमओ डॉ. राजीव निगम ने बताया कि कार्रवाई संबंधी जानकारी मिली है। यहां से निलंबन और जांच के लिए संस्तुति पत्र पूर्व में भेज दिया गया था।