बस्ती। जिला अस्पताल के बाल रोग विभाग में बीमार बच्चों की संख्या तेजी से बढ़ गई है। एक सप्ताह में यह संख्या दोगुनी होकर डेढ़ सौ के पार कर गई है। डॉक्टरों ने गर्मी और गलत खानपान को इसका मुख्य कारण बता रहे हैं। जांच में बच्चों में उल्टी-दस्त के साथ पीलिया, पैर में सूजन और हड्डी व जोड़ों में दर्द की शिकायत आ रही है। चिकित्सक परामर्श देकर घर भेज रहे हैं।
चिकित्सकों के अनुसार, एक सप्ताह पहले रोजाना 100 से 120 बच्चे इलाज के लिए आते थे। अब यह आंकड़ा 150 से 160 बच्चों तक पहुंच गया है। बच्चों में दस्त, बुखार, उल्टी और डिहाइड्रेशन जैसी समस्याएं अधिक देखी जा रही है। गंभीर मामलों को वार्ड में भर्ती भी किया जा रहा है। डॉक्टरों का कहना है कि तेज धूप, दूषित पानी और बाहर के खुले खाद्य पदार्थ बच्चों की सेहत पर बुरा असर डाल रहे हैं। अभिभावकों की भी लंबी कतारें देखने को मिल रही है। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. पीएस पटेल ने बताया कि पीलिया के लक्षण वाले बच्चों को रिकवर होने में समय लग रहा है। कमजोरी से ही पैर में सूजन की शिकायतें आ रही हैं। ऐसी समस्या आने पर डॉक्टर से संपर्क करने की सलाह दी है। साथ ही ऐसे बच्चों में खून की भी कमी निकल रही है। पोषण आहार के लिए सलाह दिए जा हैं। तेज बुखार, लगातार दस्त या उल्टी होने पर यह समस्या आ रही है। उन्होंने कहा कि लापरवाही से बच्चों की स्थिति गंभीर हो सकती है। गर्मी के मौसम में बच्चों को हल्का और ताजा भोजन ही देना चाहिए। बाहर के खाने, बासी भोजन और ज्यादा ठंडे पेय पदार्थों से बच्चों को बचाना बेहद जरूरी है। चिल्ड्रेन वार्ड में 40 बच्चे भर्ती हैं। पीआईसीयू में 12 बच्चे हैं। अधिकांश उल्टी-दस्त व बुखार के ही हैं।
आर्थो सर्जन डॉ. आलोक पांडेय ने बताया कि पोषण की कमी से भी बच्चों के घुटने में दर्द व सूजन की शिकायत है।
गर्मी को देखते हुए सभी चिकित्सकों को अलर्ट पर रखा गया है। दवा उपलब्ध है। राउंड लेकर व्यवस्था की भी जांच करते रहते हैं।
डॉ. खालिद रिजवान अहमद, एसआईसी, जिला अस्पताल, बस्ती।
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