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नासिक से जुड़े हैं मासूम के अपहरण के तार

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नगर पुलिस ने बच्चे को चोरी कर बेचने ले जा रहे तीन अभियुक्त को किया गिरफ्तार। - फोटो : BASTI
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नासिक से जुड़े हैं मासूम के अपहरण के तार
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- गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपियों से पूछताछ में हुआ खुलासा
- नगर थाने के पाल्हा गांव से पांच वर्षीय बालक के अपहरण का मामला
संवाद न्यूज एजेंसी
नगर बाजार (बस्ती)। नगर थाना क्षेत्र के ग्राम पाल्हा से पांच वर्षीय बालक को अपहृत करने के लिए साढ़े चार लाख रुपये में सौदा हुआ था। महाराष्ट्र के नासिक के रहने वाले एक शख्स ने पकड़े गए नंदलाल विश्वकर्मा को यह रुपये दिए थे। पुलिस ने नंदलाल समेत तीनों आरोपियों के पास से तीन लाख 60 हजार रुपये बरामद कर लिया। बाकी 90 हजार रुपये नंदलाल खर्च कर चुका है।
पुलिस के मुताबिक बरामद किए गए रुपयों में से नंदलाल के पास से दो लाख दस हजार, राजबहादुर सिंह व राम ललित निषाद के पास से 75-75 हजार रुपये बरामद किए गए। पुलिस ने बच्चे विभान के बाबा राम उजागिर की तहरीर पर राम ललित निषाद, नंदलाल व राज बहादुर सिंह के खिलाफ नाबालिग के अपहरण, साजिश रचने व अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर तीनों को न्यायालय भेज दिया। जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिय गया।
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थाना प्रभारी नगर धर्मेंद्र कुमार तिवारी ने बताया कि रविवार को नगर थाना क्षेत्र के पाल्हा निवासी पांच वर्षीय विभान को दो लोग अपहृत करके बेचने ले जा रहे थे। ग्रामीणों की सूचना पर मौके पहुंची पुलिस ने शक के आधार पर मौके से दोनों को पकड़ लिया और बच्चे को उनके परिवार वालों के सुपुर्द कर दिया। पकड़े गए राज बहादुर सिंह निवासी हथियादूबे उत्तमपुर थाना नगर व राम ललित निषाद निवासी पाल्हा थाना नगर से पूछताछ की गई तो पता चला कि नंदलाल विश्वकर्मा निवासी हथिया दुबे ने उन दोनों को 75-75 हजार रुपये बच्चे को चोरी करके लाने के लिए दिया था।
पुलिस ने नंदलाल को गिरफ्तार कर पूछताछ की तो उसने कबूल किया कि महाराष्ट्र के नासिक निवासी एक व्यक्ति ने उसे चार लाख 50 हजार रुपये देकर कहा कि उसे एक बच्चा चाहिए। वहां से चार लाख 50 हजार रुपये लेकर वह गांव आया और उसने राम ललित निषाद व राज बहादुर सिंह को इसकी जिम्मेदारी सौंपी।
रविवार को राम ललित व राज बहादुर सिंह पाल्हा निवासी पांच वर्षीय विभान को अपहृत करके ले जाने लगे। लेकिन बच्चे के शोर मचाने पर गांव के लोग जुट गए और उनकी योजना विफल हो गई।
सवा दो महीने पहले भी हुआ था बच्चा चोरी
नगर थाना क्षेत्र के पगारे गांव से चार मई की रात छह माह के बच्चे को चोरी होने की सूचना आई। इसके अगले दिन थाना क्षेत्र के कूरहा पांडेय गांव निवासी छेदी पांडेय ने पुलिस को सूचना दी कि उनके साले ध्रुपचंद पांडेय का छह माह का बेटा दिव्यांशु पांडेय रात नौ बजे अचानक गायब हो गया। पुलिस ने इसके अगले दिन फोरलेन पर फुटहिया के पास से गुजरती एक कार को रोककर तलाशी ली तो बच्चा उसमें मिला। पूछताछ में पता चला कि कार में सवार आरोपी अपने नि:संतान रिश्तेदार के लिए उस बच्चे की चोरी किया था।
घटना से क्षेत्र में दहशत
दो महीने के भीतर बच्चे लेकर भागने की दो घटनाएं सामने आने के बाद से क्षेत्र के लोगों में दहशत है। लोग अब अपने बच्चों को खेलने के लिए भेजने में भी डर रहे हैं। बच्चे अगर कहीं जा रहे हैं तो परिवार का कोई न कोई बड़ा सदस्य उनकी निगरानी करने जा रहा है।
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पिता से हुआ था सौदा, बाद में मुकर गया
पुलिस को आरोपियों ने बताया कि विभान को खरीदने के लिए उसके पिता सनीत की राज बहादुर सिंह और राम ललित से एक हफ्ते से बात चल रही थी। पहले वह अपने बेटे को बेचने के लिए तैयार भी हो गया था, लेकिन जब बच्चे को देने की बारी आई तो सनीत मुकर गया। जिसके बाद राज बहादुर व राम ललित ने चुपके से बच्चे को उठा लिया। बताया जा रहा है कि इस सौदेबाजी के लिए नासिक के किसी पांडुरन नामक व्यक्ति ने लगभग एक सप्ताह पहले नंदलाल के खाते में रकम भेजा था। एसपी आशीष श्रीवास्तव ने बताया कि सभी बिंदुओं पर छानबीन चल रही है।
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