महिला अधिकारी से दुष्कर्म की कोशिश और गला दबाकर हत्या के प्रयास में फंसे निलंबित नायाब तहसीलदार घनश्याम शुक्ला पर लगे आरोपों की पुलिस ने पुष्टि कर दी है। मंगलवार को पुलिस ने सीजेएम कोर्ट में आरोपी के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल कर दिया। इसबीच इलाहाबाद हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद देरशाम का घनश्याम शुक्ला को रिहा कर दिया गया।
जानकारी के अनुसार सीजेएम आशीष कुमार राय की अदालत में कोतवाली पुलिस ने मामले से जुड़ी केस डायरी नक्शा नजरी, मेडिकल रिपोर्ट सहित सभी अभिलेख में प्रस्तुत किया। इसमें नायब तहसीलदार घनश्याम शुक्ला पर लगे सभी आरोपों को सही बताया गया।
बता दें 16 नवंबर को तहसील में तैनात एक महिला अधिकारी ने तहरीर देकर तत्कालीन नायब तहसीलदार घनश्याम शुक्ल पर पिछले वर्ष 11-12 नवंबर की रात सरकारी आवास में घुसकर दुष्कर्म की कोशिश, गला दबाकर हत्या का प्रयास, मारपीट, अपशब्द कहने का आरोप लगाया था। 27 नवंबर को कोतवाली पुलिस ने नायब तहसीलदार को गिरफ्तार कर लिया।
28 नवंबर को आरोपी नायब तहसीलदार ने सीजेएम कोर्ट में जमानत के लिए अर्जी दी। मगर अदालत ने इसे खारिज कर दिया। इसके बाद मामला जिला जज की अदालत में पहुंचा, मगर यहां भी सुनवाई के बाद जिला एवं सत्र न्यायाधीश कुलदीप सक्सेना की अदालत ने जमानत खारिज कर दी। मामला हाईकोर्ट में पहुंच गया। यहां हाईकोर्ट ने सुनवाई के बाद जमानत दे दी।