बस्ती। शहर को हाईवे से जोड़ने वाली ब्लॉक रोड की सड़क भी सिकुड़ गई है। दोनों तरफ की पटरी अतिक्रमण में गुम हो गई है। बची सड़क की जगह पर गड्ढों की भरमार है। यहां हिलते-डुलते गड्ढों में चलना पड़ता है। यदि इससे बचने की कोशिश में दाहिने-बाए किसी भी तरफ हुए तो अतिक्रमण की चपेट में आ जाएंगे। अतिक्रमण और जर्जर सड़क की दोहरी समस्या है। फिलहाल समाधान नहीं है।
बड़ेवन से रौता चौराहे तक करीब डेढ़ किमी लंबी यह सड़क दोहरी मार झेल रही है। जहां नजर दौड़ाइए वहीं अतिक्रमण और गड्ढे मिलेंगे। शहर को हाईवे से जोड़ने वाला मार्ग होने के कारण आवागमन का दबाव भी अधिक है। प्रतिदिन 20 हजार से अधिक छोटे-बड़े वाहन इस सड़क से गुजरते हैं। प्रत्येक दो-चार कदम के बाद सड़क उखड़ी हुई है। गड्ढों की भरमार है। बिना हिचकोले खाए वाहनों का आगे बढ़ना संभव नहीं है। सड़क की दोनों पटरियों पर नाली तक निर्माण हुए हैं। यदि गड्ढों से बचने की कोशिश में किनारे हुए तो अतिक्रमण से भिड़ जाएंगे। यहां भी आवागमन बढ़ते ही जाम की समस्या खड़ी हो जा रही है। अतिक्रमण से यह सड़क पांच मीटर से सिकुड़कर कहीं तीन और कहीं चार मीटर बची है। उसमें भी उखड़ी गिट्टिया और गड्ढे है। यहां राहगीरों की दुर्गति हो जा रही है। आमने-सामने से जैसे चार पहिया वाहन गुजरते हैं अगल- बगल जगह नहीं बचती है। बहुत मशक्कत के बाद गाड़ियां निकल पा रही है। इस दौरान लंबा जाम लगा रहता है।
रौता चौराहे पर मोड़ के पास ही अतिक्रमण का बोलबाला है। ब्लॉक रोड और मालवीय रोड दोनों सड़क पर पहले कभी वाचनालय की जगह अब दुकान में तब्दील हो गई है। इसकी दो तरफ की दीवारें सड़क में हैं। बावजूद इसके इस अतिक्रमण को हटाने की कोशिश नहीं हुई। नतीजा वाहनों के आवागमन के दौरान जाम हटवाने के लिए यहां पुलिस को लगना पड़ता है।
मुख्य सड़कों पर भी नहीं ध्यान दे रहा बीडीए
बीडीए अपने मानचित्र के अनुसार धरातल पर तस्वीर तैयार नहीं कर पा रहा है। शहर की मुख्य सड़कों से सटकर निर्माण हुए हैं मगर इस पर कोई कार्रवाई नहीं की जाती है। जबकि मानचित्र स्वीकृति कराने के दौरान भवन स्वामियों से सड़क से निर्धारित दूरी छोड़कर निर्माण कराने का शपथ पत्र लिया जाता है।
ढाई साल पहले बनी थी सड़क
तकरीबन ढाई साल पहले 37 लाख रुपये खर्च कर पालिका ने इस सड़क का हॉट मिक्स प्लांट से नवीनीकरण करवाया था। कुछ ही महीनों में यह उससे भी बुरी स्थिति में पहुंच गई। गुणवत्ता की अनदेखी व भारी वाहनों की आवाजाही के चलते पहले बरसात में ही इस सड़क की दशा दयनीय हो गई। तभी से स्थिति बिगड़ती जा रही है।
शहर के लिए उपयोगी है यह सड़क
लखनऊ, अयोध्या, सिद्धार्थनगर, गोरखपुर, संतकबीरनगर व गोंडा से आने वाले वाहन बस्ती के बड़ेवन फ्लाईओवर से इसी रास्ते शहर मेें प्रवेश करते हैं। यही नहीं प्रमुख व्यापारिक केंद्र गांधीनगर व रोडवेज पहुंचने के लिए यह सड़क सबसे मुफीद साबित होती है। इसके नाते तकरीबन तीन किमी दूरी बच जाती है। सबसे बड़ी बात तो यह है कि इस सड़क से शहर के कटरा आंशिक, मड़वानगर, रौता पार, आवास विकास कॉलोनी व बैरिहवा समेत आधा दर्जन वार्डों के नागरिकों का नियमित आवागमन होता है।
एक ही तरफ नाला निर्माण होने से जलभराव
इस सड़क से सटे मोहल्ला रौता पार के निवासी ओंकार नाथ श्रीवास्तव, सुनील बरनवाल, अमन व शन्नी श्रीवास्तव आदि ने बताया कि यहां एक ही तरफ नाले का निर्माण कराया गया है। जिससे दूसरे तरफ के घरों से निकलने वाला पानी सड़क पर ही पसरता है। जलभराव के चलते यह सड़क बहुत जल्दी खराब हो जाती है।
अतिक्रमण से सड़क को खाली कराया जाएगा। अभियान चलाने की तैयारी कर ली गई है। ब्लॉक रोड भी इसमें चिह्नित है।
-गुलाब चंद्र, एसडीएम सदर