बंदी महिलाएं सीखेंगी देवी-देवओं की मूर्ति बनाना
डीएम ने गौर ब्लॉक में तैनात शिक्षक आलोक शुक्ल को बनाया प्रशिक्षक
धनतेरस पर बाजार में नजर आएंगी पुराने अखबार से बनीं मूर्तियां
गौर(बस्ती)। इस बार धनतेरस पर पुराने अखबार से बनीं देवी-देवताओं की रंग-बिरंगी मूर्तियां बाजार में नजर आएंगी। इसके लिए डीएम सौम्या अग्रवाल ने जेल में बंद महिलाओं से मूर्तियां बनाने के लिए कचरा प्रबंधन में राष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कृत हो चुके गौर ब्लॉक के उच्च प्राथमिक विद्यालय कवलसिया में तैनात कला एवं शिल्प शिक्षक आलोक शुक्ल को प्रशिक्षक बनाया है।
शिक्षक आलोक शुक्ल ने बताया कि सरकार की ओर से चलाए जा रहे मिशन सशक्त के अंतर्गत पहली बार जेल में बंद होने वाली महिलाओं को डीएम के निर्देश पर पुराने अखबार से देवी-देवताओं की मूर्तियां बनाने का प्रशिक्षण दिया जाएगा। उसके बाद मूर्तियां तैयार कराई जाएंगी। साथ ही सिलाई मशीन के माध्यम से कपड़ा काटने और सिलाई करने का तौर-तरीका भी बताया जाएगा। जेल अधीक्षक डीके पांडेय ने बताया कि जेल में कुल 46 महिलाएं विभिन्न मामलों में बंद हैं। उन्हीं को सशक्त करने के उद्देश्य डीएम के निर्देश पर देवी-देवताओं की मूर्तियां बनाने के साथ कई तरह की जानकारियां व नृत्य सीखने का मौका मिलेगा ।इसके लिए रूपरेखा तैयार कर ली गई है। 23 महिलाओं का दो बैच बनाया गया है। प्रत्येक बैच 24 दिन को 24 दिन प्रशिक्षित किया जाएग। नवरात्र के प्रथम दिन से प्रशिक्षण प्रस्तावित है। इनके हाथों से तैयार की गई मूर्तियां बाजार में आकर्षण का केंद्र होंगी। विशेषता यह है कि यह वजन में बेहद हल्की और पर्यावरण के अनुकूल एवं टिकाऊ के साथ कम लागत की होंगी। जेल अधीक्षक ने बताया कि यह पहली बार होगा जब जेल की महिलाओं को इस तरह का हुनर सीखने का मौका मिलेगा।