संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। दीन दयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना (डीडीयूजीजेवाई) के तहत असनहरा और गोटवा में नया 33/11 केवी विद्युत उपकेंद्र बनाया गया है। गौर, दसिया व गाऊखोर की क्षमता वृद्धि की गई है। कार्यदायी संस्था ने काम पूरा नहीं किया है। जिससे उपकेंद्रों की पूरी क्षमता का उपयोग नहीं हो पा रहा है। केंद्रों के कार्य को जनवरी में ही पूरा किया जाना था। इन सभी उपकेंद्रों से 25 हजार से अधिक उपभोक्ता जुड़े हैं।
डीडीयूजीजेवाई के तहत बनारस की एक निजी संस्था को दो नए उपकेंद्र बनाने और तीन की क्षमता वृद्धि का ठेका दिया गया है। कार्यदायी संस्था बेहद सुस्त गति से काम कर रही है। जिससे वितरण खंडों को उपभोक्ताओं को आपूर्ति देने में तमाम समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। संस्था ने नवनिर्मित 33/11 केवी गोटवा उपकेंद्र का 11 केवी फीडर की अंडरग्राउंड केबल का काम अभी तक पूरा नहीं किया। इस उपकेंद्र के स्वीच यार्ड का रास्ता और प्रकाश, बाउंड्रीवाल, ग्राउडिंग आदि कार्य अधूरे छोड़ दिए गए हैं। नव निर्मित असनहरा उपकेंद्र के 33 और 11 केवीए लाइन का ग्राउडिंग, बाउड्रीवाल, स्वीचयार्ड, वितरण ट्रांसफार्मर, कंट्रोलरूम पेंटिंग, बाहरी पैनल, कंट्रोल रूम की खिड़कियों का काम अधूरा छोड़ा गया है। गौर में पोस्ट इंसुलेटर, कंट्रोल पैनल व स्वीचयार्ड वायरिंग का काम अधूरा पड़ा है। दसिया पुरैना उपकेंद्र का 33 केवी कंट्रोल पैनल का काम अधूरा है। इसी प्रकार गाऊखोर उपकेंद्र का भी कार्य अधूरा छोड़ दिया गया है। अधीक्षण अभियंता आरबी कटियार ने बताया कि कार्यदायी संस्था को कई बार पत्र भेजकर काम पूरा कराने का निर्देश दिया गया लेकिन संस्था इस दिशा में कोई कदम नहीं उठा रही है। डिस्कॉम को पत्र भेजकर मामले से अवगत कराया गया है।