बस्ती जिले में 2017 के विधानसभा चुनाव के मुकाबले लिए इस बार पहले से ज्यादा चौकसी रहेगी। प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में नौ फ्लाइंग स्क्वायड व 88 कंपनी यानी करीब 10 हजार सीपीएमएफ (सेंट्रल पैरा मिलिट्री फोर्स) की तैनाती की जाएगी। इनकी तैनाती अतिसंवेदनशील व संवेदनशील मतदान केंद्रों पर की जाएगी।
2017 के विधानसभा चुनाव में प्रति विधानसभा क्षेत्र जहां तीन-तीन मोबाइल टीमें लगाई गई थीं। वहीं, इस बार नौ फ्लाइंग स्क्वायड व नौ स्टेटिक सर्विलांस टीम की तैनाती की जा रही है। मतदान के लिए इस बार कुल 1500 मतदान केंद्र व 2470 मतदेय स्थल बनाए गए हैं। इनमें अति संवेदनशील मतदान केंद्रों की संख्या 112 तो संवेदनशील श्रेणी में 122 मतदान केंद्र हैं। चुनाव सकुशल संपन्न कराने के लिए पुलिस प्रशासन सुरक्षा व्यवस्था का खाका तैयार कर उसे अंतिम रूप देने में जुटा है।
इस प्रकार जिले के सभी पांच विधानसभा क्षेत्रों में कुल 45 मोबाइल टीम लगाई जा रही हैं। हर टीम में एक मजिस्ट्रेट, एक उपनिरीक्षक, चार आरक्षी को शामिल किया गया है। वहीं, राज्य चुनाव आयोग की तरफ से 88 कंपनी केंद्रीय अर्द्धसैनिक बल की भी तैनाती की जा रही है। इनमें से एक तिहाई फोर्स जिले में आ चुकी है।
क्या है वल्नरेबल व क्रिटिकल मतदान केंद्र
वल्नरेबल मतदान केंद्र वह हैं, जहां पर कोई दबंग व्यक्ति, समुदाय विशेष का दबदबा व कोई कारक प्रभावित रहा हो। तात्पर्य यह है कि इन मतदान केंद्रों से संबंधित मजरे या गांव में हिंसा या फर्जी मतदान की आशंका है। वहीं, क्रिटिकल के रूप में उन मतदान केंद्रों को चिह्नित किया गया है, जहां पिछले चुनाव में 70 फीसद से अधिक मतदान हुआ हो, या विवाद हुआ है।
बस्ती एसपी आशीष श्रीवास्तव ने कहा कि पारदर्शी व निष्पक्ष चुनाव संपन्न कराने के लिए सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किए जा रहे हैं। क्रिटिकल व वल्नरेबुल मतदान केंद्रों पर सीपीएमएफ तैनात की जाएगी। साथ ही वीडियोग्राफी भी कराई जाएगी। जिनकी वजह से केंद्रों की संवेदनशीलता बढ़ती है, उनको पहले से चिह्नित करके कार्रवाई की जा रही है।