बस्ती। कांवड़ मेले की वजह से पिछले पांच दिन से बाजार अस्त-व्यस्त है। रास्तों पर आवागमन बाधित होने से काफी कम लोग बाजार के लिए निकल रहे थे। बुधवार से मेला समाप्त होने के बाद बाजार की फिर से रौनक लौटने लगी है। शिवरात्रि की छुट्टी होने और ज्यादातर लोगों के जलाभिषेक और पूजा आदि कार्यक्रमों में व्यस्त होने के कारण बाजार में दिन में सन्नाटा रहा, लेकिन शाम होते-होते बाजार में रौनक लौट आई।
कांवड़ यात्रा के दौरान रूट डायवर्जन के कारण आसपास के कई क्षेत्रों से लोगों का शहर में आना मुश्किल हो गया था, इसलिए बाजारों में भीड़-भाड़ कम ही हो रही थी। त्योहारों का सीजन चलने के कारण दुकानदार भी परेशान थे। उन्हें उम्मीद थी कि जब डायवर्जन खत्म होगा तो दूर-दारज क्षेत्र के खरीदार बाजार में लौटेंगे और फिर बाजार में रौनक लौट आएगी और ऐसा हुआ भी। हालांकि, छुट्टी का दिन होने के कारण दिन भर बाजार में सन्नाटा छाया रहा और शाम होने के बाद बाजार में धीरे-धीरे चहल-पहल बढ़ी।
गांधीनगर में कपड़ों के व्यवसायी जगदीश प्रसाद बताते हैं कि पिछले चार पांच दिनों से बाजार की स्थिति ठीक नहीं थी। ग्राहकों की संख्या काफी कम थी। देहात क्षेत्र से खरीदार नहीं आ पा रहे थे, इसलिए दुकानों पर केवल शहर के ही लोग आ रहे थे वो भी कम संख्या में। बुधवार शाम को बाजार में थोड़ी रौनक बढ़ी है। हालांकि अभी जो खरीदार आए हैं उनमें से ज्यादातर लोग शहर के ही हैं। बृहस्पतिवार से बाजार के ठीक होने का अनुमान है।
गांधी नगर बाजार में बुधवार को कपड़ों और श्रृंगार की दुकानों पर रही। खरीदारी करने आईं शालिनी बताती हैं कि छुट्टी का दिन होने के कारण वे परिवार के साथ खरीदारी करने आईं हैं। कल से फिर स्कूल और ऑफिस खुल जाएंगे तो बच्चों को साथ लेकर निकलना मुश्किल हो जाएगा। इसी तरह कपड़ों की खरीदारी करने आई प्रेमलता कहती हैं कि वे कई दिन से खरीदारी की तैयारी कर रही थी। आज छुट्टी थी तो खरीदारी के लिए आ गईं। आगे रक्षाबंधन का त्योहार है, इसलिए खरीदारी तो करनी ही है। जितनी जल्दी खरीदारी कर ली जाए अच्छा ही रहेगा।