पूर्व मंत्री अमरमणि त्रिपाठी( file)
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पूर्व मंत्री अमरमणि त्रिपाठी के खिलाफ एमपीएमएलए कोर्ट का सख्त रवैया बरकरार है। मंगलवार को केस की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कोतवाल को आदेश दिया कि अमरमणि की देश में जहां भी संपत्ति हो उसकी रिपोर्ट अगली सुनवाई तक पेश करें। अन्यथा उनके विरुद्ध विपरीत उपधारणा की जाएगी।
इसके साथ ही कोर्ट ने पूर्व में संपत्ति के संबंध में मांगी गई रिपोर्ट न मिलने पर जिलाधिकारी को रिमाइंडर भी जारी किया। मामले की अगली सुनवाई नौ फरवरी को होगी। व्यापारी पुत्र के अपहरण केस वं में अमरमणि त्रिपाठी के खिलाफ विशेष न्यायाधीश एमपीएमएलए/ सप्तम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रमोद कुमार गिरि की अदालत में सुनवाई चल रही है।
दो दिसंबर को सुनवाई के दौरान कोर्ट ने अमरमणि की चल-अचल संपत्ति का पता कर कुर्की करने का आदेश दिया था।
यह है मामला
छह दिसंबर 2001 को व्यापारी धर्मराज मद्धेशिया के बेटे राहुल का अपहरण हो गया था। इस मामले में कोतवाली थाने में अपहरण का केस दर्ज कराया गया था। पुलिस ने इस मामले में अमरमणि समेत नौ लोगों को आरोपी बनाया था। आरोप है कि लखनऊ के जिस मकान से अपहृत बालक मिला था, वह तत्कालीन मंत्री अमरमणि का था। अमरमणि के खिलाफ 24 अक्तूबर 2011 से गैर जमानती वारंट जारी है।