भ्रष्टाचार में प्रोबेशन विभाग का बाबू निलंबित
बस्ती। भ्रष्टाचार को लेकर सीएम योगी की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत बड़ी कार्रवाई हुई है। प्रोबेशन विभाग में एक खेल उजागर हुआ है। लिपिक ने बिना कैश बुक में दर्ज किए चार करोड़ से अधिक का धन भुगतान कर दिया है जिसके बाद उसे निलंबित कर दिया गया है।
जिला प्रोबेशन विभाग में कनिष्ठ सहायक लिपिक के पद पर तैनात गौरव कुमार सिंह की शिकायत शहर के समाजसेवियों के अलावा राजनीतिक दलों ने शासन स्तर पर की थी। रुधौली विधायक संजय प्रताप जायसवाल ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर इस कार्यालय में संबंधित लिपिक पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया था। लगातार मिल रही शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी आशुतोष निरंजन ने तीन सदस्यीय जांच टीम बनाई थी। रिपोर्ट के क्रम में निदेशालय महिला कल्याण स्तर से संबंधित लिपिक को निलंबित कर दिया गया है। आदेश में कहा गया है कि लिपिक ने पूर्व में कार्यालय स्टेेशनरी व अन्य सामान बिना खरीदे ही धन का भुगतान कर दिया। विभागीय सूत्रों के अनुसार अभी और लोग कार्रवाई की जद में आ सकते हैं।
जिला प्रोबेशन विभाग अधिकारी राकेश कुमार कहते हैं कि लगातार मिल रही शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने जांच कमेटी बनाई थी। कनिष्ठ सहायक लिपिक को निदेशालय स्तर से निलंबित कर दिया गया है।
लिपिक ने कहा, सभी पर हो कार्रवाई
कनिष्ठ लिपिक गौरव कुमार सिंह कहते हैं कि ऐसे तो सभी पर कार्रवाई होनी चाहिए, अकेले मेरे ऊपर क्यों, सभी पर कार्रवाई होनी चाहिए। कहते हैं कि मेरे खिलाफ साजिश की गई है। बिना जांच के ही कार्रवाई कर दी गई है।