फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

शमशेर को रिमांड पर लेने बस्ती पहुंची मुंबई आरपीएफ

विज्ञापन
विज्ञापन
शमशेर को रिमांड पर लेने बस्ती पहुंची मुंबई आरपीएफ
विज्ञापन

बस्ती। ई-टिकटिंग के माध्यम से अकूत धन कमाने तथा टेरर फंडिंग का मामला अभी भी गरम है। जिले में गिरफ्तार इस गैंग का महत्वपूर्ण किरदार शमशेर पर अब और शिकंजा कसा जाने लगा है। मुंबई सहित कई राज्यों से ई-टिकटिंग के साफ्टवेयर के माध्यम से रेलवे को चूना लगाने वाले शमशेर के तार जुड़े हैं। मुंबई के कुर्ला आरपीएफ के सब इंसपेक्टर अमित कुमार के नेतृत्व में टीम शुक्रवार से बस्ती में डेरा डाल रखी है। शनिवार को शमशेर अली के रिमांड की अपील कोर्ट में की गई। कोर्ट ने रिमांड के लिए सुनवाई की तिथि 12 फरवरी दी है।
आरपीएफ के खुलासे में सामने आया था कि आईआरसीटीसी के सिस्टम में सेंध लगाकर ई-टिकटिंग के माध्यम से जिले के कप्तानगंज निवासी हामिद अशरफ ने साफ्टवेयर तैयार किया। इस साफ्टवेयर को किराए पर देकर हामिद ने अकूत कमाई की जिसमें सहयोगी शमशेर व सलमान भी धन कमाते थे। ई-टिकटिंग के इस अवैध धंधे का खुलासा होने के बाद हामिद अशरफ तो सामने नहीं आया, मगर उसने आडियो जारी कर सलमान व शमशेर को इस धंधे का सरगना बता दिया। हालांकि आरपीएफ के निशाने पर यह दोनों पहले से ही थे, मगर हामिद के खुलासे ने धंधे में इनकी मौजूदगी को और साफ कर दिया। आरपीएफ, बस्ती पुलिस व विजिलेंस की टीम कई दिनों तक बिहार से लेकर नेपाल की सीमा तक इन धंधेबाजों की टोह लेती रही। धंधे से जुड़े तमाम खाते ट्रेस हुए। इसके बाद टीम ने कई लोगों को गिरफ्तार किया। इन गिरफ्तारियों के बाद सलमान व शमशेर को टीम खोजने लगी और वे हत्थे चढे़ तो इनके खातों की जांच पड़ताल हुई। इनके खातों में एक साल में पांच करोड़ से अधिक का लेनदेन सामने आया। इनका नेटवर्क देश भर में फैला है। हालांकि शमशेर की तलाश इसी मामले में लंबे समय से मुंबई की आरपीएफ को थी। उसकी गिरफ्तारी की जानकारी होने के बाद कुर्ला आरपीएफ के एसआई अमित कुमार दलबल के साथ बस्ती पहुंचे हैं। वे शमशेर की रिमांड के लिए अदालत में अर्जी लगा चुके हैं। 12 फरवरी को रिमांड पर सुनवाई के बाद न्यायालय अपना निर्णय देगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

आरपीएफ कुर्ला के सब इंसपेक्टर अमित कुमार ने कहा कि मुंबई आरपीएफ की टीम शमशेर को रिमांड पर लेने के लिए आई है। न्यायालय के आदेेश के बाद उसे ले जाया जा सकेगा।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें