बस्ती। शहर के रौता चौराहा स्थित एक निजी अस्पताल के चिकित्सक पर लापरवाही पूर्वक इलाज करने का आरोप लगा है। शिकायत में कहा है कि ऑपरेशन के बाद पेट में मवाद भर गया। उपचार के लिए पहुंचे तो 35 दिन तक भर्ती किया। बिना रसीद व बिल के डिस्चार्ज कर दिया। सीएमओ डॉ. राजीव निगम ने जांच के लिए चार सदस्यीय टीम गठित की है। जांच कर टीम से एक सप्ताह के भीतर रिपोर्ट मांगी है।
कलवारी थानाक्षेत्र के पकड़ी छप्पर निवासी अनिल कुमार ने सीएमओ को शिकायती पत्र देकर आरोप लगाया है कि पेट दर्द होने पर पत्नी को रौता चौराहा स्थित एक निजी अस्पताल में दिखाने गए थे। 21 मार्च को चिकित्सक ने उनकी पत्नी का ऑपरेशन किया। आपरेशन के बाद मवाद बनने लगा। आरोप लगाया कि चिकित्सक ने परिजन को गुमराह करके 35 दिन तक इलाज किया। डिस्चार्ज रसीद व बिल तक नहीं दिया। उसके बाद वह दूसरे निजी अस्पताल में दिखाने ले गए। वहां के चिकित्सक ने बताया कि लापरवाही पूर्वक इलाज के चलते आंत कट गई है। इंफेक्शन हो गया है। सीएमओ ने शिकायत को जांच टीम गठित की है। इसमें डिप्टी सीएमओ डॉ. एके चौधरी, सर्जन डॉ. विजय कुमार, निश्चेतक डॉ. प्रदीप कुमार व प्रशासनिक अधिकारी श्रवण कुमार को शामिल किया गया है।