- बिजली निगम के अधिकारियों को कार्यशैली में सुधार लाने की दी हिदायत, तहसील, ब्लॉक और थाना स्तर पर समस्या के समाधान पर जोर
बस्ती। डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने शुक्रवार भाजपा कार्यालय में पार्टी कोर कमेटी, पदाधिकारी और जनप्रतिनिधियों से बारी-बारी गहन मंत्रणा की। लोगों ने खुलकर प्रशासन की नाकामियां गिनाईं। इसके बाद डिप्टी सीएम कलेक्ट्रेट सभागार पहुंचे तो सबसे पहले अधिकारियों की जमकर क्लास ली। बिजली निगम के अधिकारियों को कार्यशैली में सुधार लाने की हिदायत दी। तहसील, ब्लॉक और थाना स्तर पर ही समस्याओं के समाधान पर जोर दिया
उन्होंने अक्सर ब्रेक डाउन के चलते बिजली कटौती पर निगम के अधिकारियों से जवाब तलब किया। कहा कि सपा सरकार में बिजली कटौती चरम पर थी। भाजपा में ऐसा नहीं होने दिया जाएगा। निगम के अधिकारी सक्रियता के साथ वितरण व्यवस्था सुचारु बनाएं। कटौती की शिकायत नहीं आनी चाहिए। डिप्टी सीएम ने कहा कि सरकार की मंशा हर घर जल पहुंचाने की है। लेकिन, पता चला हे कि जिले के 128 गांवों में जलजीवन मिशन की परियोजना पूरी होने के बाद भी सप्लाई बाधित है। उन्होंने डीएम को टीम भेजकर गांवों में परियोजनाओं की जांच कराने के निर्देश दिए।
डिप्टी सीएम ने कहा कि जिले में चोरी की घटनाएं भी ज्यादा हो रही हैं। इसकी मुख्य वजह पुलिस की कमजोर कार्य प्रणाली है। पुलिस अधिकारी अपनी कार्यशैली में सुधार लाएं। चोरी, लूट, हत्या जैसे अपराध पर बहुत जल्द अंकुश लगाए और इसकी रिपोर्टिंग भी करें। अधिकारियों को नसीहत दी कि भाजपा कार्यकर्ता, जनप्रतिनिधि और पदाधिकारियों का सम्मान करना सीखें। यदि वह जनता से जुड़ी कोई समस्या लेकर किसी अधिकारी के पास पहुंचते हैं तो उसे टालने की कोशिश न की जाए। उस पर तत्कालकार्रवाई होनी चाहिए।
बैठक के दौरान भाजपा क्षेत्रीय अध्यक्ष सहजानंद राय, जिलाध्यक्ष विवेकानंद मिश्र, जिला पंचायत अध्यक्ष संजय चौधरी, पूर्व विधायक संजय प्रताप जायसवाल, सीए चंद्र प्रकाश शुक्ल, दयाराम चौधरी, रवि सोनकर, एमएलसी प्रतिनिधि हरीश सिंह, डीएम रवीश गुप्ता, एसपी अभिनंदन, एडीएम प्रतिपाल सिंह चौहान, जिला कृषि अधिकारी डॉ. बाबूराम मौर्य आदि मौजूद रहे।
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अनुपस्थित अधिकारियों का कटेगा वेतन
बैठक में कुछ कार्यदायी एजेंसियों एवं अन्य विभागों के अधिकारियों की गैरमौजूदगी पर डिप्टी सीएम ने नाराजगी जताई। उन्होंने अनुपस्थित अधिकारियों को सूचीबद्ध कर उनका एक दिन का वेतन काटने के निर्देश दिए। डिप्टी सीएम की मौजूदगी तक प्रशासनिक अमला हलकान रहा। उनके जाने के बाद लोगों ने राहत की सांस ली।