बस्ती। जिले में प्रस्तावित आंगनबाड़ी केंद्रों के भवन निर्माण में बरती जा रही ढिलाई के बाद प्रशासन की सख्ती से गति बढ़ी है। प्रशासन के सख्त तेवर के बाद निर्माण एजेंसी और संबंधित विभागीय अधिकारियों में खलबली है। बताया गया कि शासन स्तर से मिले लक्ष्य में 92 भवन पूर्ण करा लिए गए हैं।
साल 2022-23 में मनरेगा कन्वर्जेंस से ग्राम पंचायतों के माध्यम से 27 भवन का निर्माण कराया जाना था, जो पूर्ण बताया जा रहा है। साल 2023-24 में मनरेगा कन्वर्जेंस से 219 आंगनबाड़ी भवन बनाए जाने का लक्ष्य दिया गया है। बताया गया कि अभी तक सिर्फ 92 आंगनबाड़ी भवन के पूर्ण किए जाने की रिपोर्ट दी गई है। यह कार्य ग्रामीण अभियंत्रण विभाग को मिला है। वहीं, 2024-25 में मनरेगा कन्वर्जेंस से 52 भवनों का निर्माण कार्यदायी संस्था ग्राम पंचायतों के माध्यम से से कराया जा रहा है।
अभी ये भवन पूर्ण नहीं हैं, बताया गया कि सभी निर्माणाधीन हैं। जिला कार्यक्रम अधिकारी राजेश कुमार का कहना है कि जहां खुद के भवन नहीं हैं, वहां पर आंगनबाड़ी केंद्रों का संचालन विद्यालय, पंचायत भवन और अन्य शासकीय भवन अथवा किराये पर संचालित किए जाने का प्राविधान है। हालांकि, किराये पर अभी कोई आंगनबाड़ी केंद्र संचालित नहीं हैं।
2655 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित : जिले में वर्तमान में कुल 2655 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं, जिनमें 1848 आंगनबाड़ी केंद्र अभी भी स्कूल और अन्य सामुदायिक भवनों में संचालित हो रहे हैं। इसके साथ ही पंचायत भवन या पब्लिक भवनों में संचालित होते हैं। विभागीय भवनों की संख्या 807 है। नए भवनों के निर्माण से केंद्रों को स्थायी घर मिलेगा। बेहतर ढांचे में योजना भी संचालित होगी।
ये है निर्माण का मानक : डीपीओ राजेश कुमार का कहना है कि आईसीडीएस से दो लाख रुपये, पंचायतीराज विभाग से 1.84 लाख और मनरेगा से आठ लाख रुपये एक भवन पर खर्च किए जा रहे हैं। डीपीओ ने कहा कि 219 में 92 आंगनबाड़ी केंद्र पूर्ण हो चुके हैं। डीपीओ ने बताया कि आंगनबाड़ी भवनों का निर्माण तेजी से हो रहा है।