अधिवक्ताओं के परिजनों के हत्यारोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई तो आंदोलन
बस्ती। प्रदेश के विभिन्न जनपदों में अधिवक्ताओं के परिजनों की हत्या के मामले में आरोपितों को तत्काल गिरफ्तारी न होने की दशा में अधिवक्ता संगठनों ने प्रदेशव्यापी आंदोलन की चेतावनी दी है। मंगलवार को सिविल बार एसोसिएशन, जनपद बार एसोसिएशन व यंग बार एसोसिएशन की बैठक में यह निर्णय लेने के बाद डीएम के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भी भेजा गया।
सिविल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राजकिशोर पांडेय की अध्यक्षता में कचहरी परिसर में हुई बैठक में कहा गया कि बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश के सदस्य सचिव व पूर्व अध्यक्ष अजय कुमार शुक्ला की पत्नी शीला शुक्ला की हत्या फर्जी अस्पताल संचालकों पर करने का आरोप है। संबंधित थाना मडियांव की पुलिस आरोपियों को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से सवा महीने तक घटना की रिपोर्ट दर्ज नहीं की। बाद में पुलिस कमिश्नर लखनऊ के हस्तक्षेप से मामला दर्ज हुआ। लेकिन, आरोपियों को न तो गिरफ्तार किया और न ही आरोपियों की मेडिकल डिग्री की जांच की गई। अजय कुमार शुक्ला की शिकायत पर पुलिस कमिश्नर लखनऊ ने अभियोजन विभाग से राय मांगी, अभियोजन विभाग ने हत्या का स्पष्ट मामला होने का मत व्यक्त किया गया है। फर्जी अस्पताल वैधानिक मापदंडों के अनुरूप है कि नहीं इस पर भी विवेचना करने का मत व्यक्त किया है। अधिवक्ता रजनीश कुमार वर्मा के बेटे की हत्या के मामले में थाना सुशांत गोल्फ सिटी लखनऊ में मुकदमा दर्ज है, लेकिन एक महिला आरोपी के अलावा अन्य की गिरफ्तारी नहीं की गई है। आरोप लगाया कि पुलिस उन्हें क्लीनचिट देने का प्रयास कर रही है। वहीं, राजकिशोर अवस्थी के पुत्र विपिन रावत रानीगंज सिलीगुड़ी पश्चिम बंगाल खेड़ी भोपाल के अधिकारियों से परेशान होकर आत्महत्या कर ली। इस संबंध में थाना कोतवाली सदर लखीमपुर में मुकदमा कराया गया। इस मामले की सीबीआई से जांच की मांग की गई है। लेकिन, अभी तक मामला सीबीआई के सुपुर्द नहीं किया गया।
बैठक में सिविल बार एसोसिएशन के महामंत्री शशि प्रकाश शुक्ला, कृष्ण मोहन उपाध्याय, जनपद बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रजनीश दुबे, महामंत्री रमेश पांडेय, यंग बार एसोसिएशन के अध्यक्ष भानु प्रकाश शुक्ला, महामंत्री शेषनाथ पाठक, अरुण पांडेय, जितेंद्र कुमार मिश्रा, उपेंद्र दुबे, वंशीधर पांडेय, दीपक वर्मा, महेंद्र पांडेय, भूपेश कुमार शुक्ला, रविंद्र पुरी, रक्षाराम शुक्ला, अरविंद दुबे, राम प्रसाद चौरसिया, शशि यादव, पुनीता, अनिल कुमार यादव, सुधांशु पांडेय, प्रशांत भारती, विवेक शुक्ला, निशांत पाठक, प्रशांत यादव, अरविंद नारायण पांडेय आदि अधिवक्ता मौजूद रहे।