हरैया। जम्मू कश्मीर के पहलगाम में मंगलवार को हुए आतंकी हमले से हर तरफ लोगों में उबाल है। बुधवार को अधिवक्ताओं ने पाकिस्तान समर्थित आतंकवादियों के हमले में मृत बेगुनाहों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए तहसील में प्रदर्शन किया और पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे लगाए।अधिवक्ताओं ने हमले में शामिल आतंकियों को हर हाल में मौत के घाट उतारे जाने की मांग करते हुए सरकार से प्रभावी कार्रवाई की मांग की।
बुधवार को बार एसोसिएशन के अध्यक्ष उमाकांत त्रिपाठी के नेतृत्व में एकत्रित अधिवक्ताओं ने हमले की निंदा की। अध्यक्ष ने हमले को कायरों की करतूत बताते हुए कहा कि निर्दोष और निहत्थे सैलानियों पर धर्म के आधार पर हत्या करने वाले आतंकियों को ढूंढ़कर हर हाल में मार गिराना चाहिए।उन्होंने हमले के लिए जिम्मेदार पाकिस्तान व देश में बैठे गद्दारों की पहचान कर सबक सिखाने की मांग की।वरिष्ठ अधिवक्ता राम चंद्र यादव ने कहा कि देश के लोग इस हमले से बेहद दुखी है। जिस तरीके से मृतकों के परिजनों व छोटे बच्चों के सामने कायर हमलावरों ने बेगुनाहों को गोली मारी वह बेहद खौफनाक है।सरकार को इसका करारा जवाब देना चाहिए। धीरेंद्र सिंह ने इस हमले के लिए जिम्मेदार पाकिस्तान पर कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि भारत को अब चुप नहीं बैठना चाहिए। इस मौके पर अधिवक्ता अजीत प्रताप सोनू, संजय सिंह, संजीव मिश्रा, राजेंद्र सिंह, राम मणि आदि मौजूद रहे। चेयरमैन कौशलेंद्र प्रताप सिंह राजू ने हमले को बर्बरतापूर्ण बताते हुए निंदा की। प्रधानाचार्य सुभाष चंद्र त्रिपाठी ने भी हमले को कायराना कृत्य बताते हुए मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना जताते हुए हमले का जवाब उसी भाषा ने दिए जाने की बात कही। पूर्व चेयर मैन राजेंद्र प्रसाद गुप्ता ने इसे देश के दुश्मनों की गहरी साजिश बताया और हमले की निंदा की।