हाईवे पर खड़े वाहनों से अक्सर होते हैं हादसे
महराजगंज (बस्ती)। हाईवे पर खड़े ट्रक और भारी वाहनों से टकराकर आए दिन हादसे होते हैं। इसके बाद भी जिम्मेदार उदासीन बने हैं। हाईवे पर वाहनों को खड़ा करने से पुलिस, एनएचएआई और आरटीओ रोकटोक नहीं करते हैं। परिणाम स्वरूप हादसे होते रहते हैं।
अयोध्या-गोरखपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर 70 किलोमीटर की सड़क पर करीब 25 डेंजर जोन हैं। हाईवे पर पेट्रोल पंप और ढाबों के सामने वाहनों का जमावड़ा लगा रहता है। नगर थानाक्षेत्र के कटया, तिलकपुर, दुधौरा, खजुहा, गढ़हा गौतम, गौरा, कप्तानगंज मेन चौराहा, पिकौरा सानी, त्रिलोकपुर, महराजगंज, बिहरागेट, बिजरा, संसारीपुर, भदावल, तेनुआ, बड़हर कला, महुघाट, छावनी थानाक्षेत्र के बड़हर, विक्रमजोत, फूलडीह, रेड़वल, खतमसराय, नई बाजार, पटखापुर सहित हाईवे के कई जगहों पर सड़क पर भारी वाहन और ट्रक खड़े रहते हैं। इसके बाद भी पुलिस, एनएचएआई व आरटीओ की ओर से यात्रियों की सुरक्षा के लिए प्रबंध नहीं किया जा रहा है। क्षेत्र के ई. वीरेंद्र कुमार मिश्रा, शिवम तिवारी, राजेश कुमार, अनिल कुमार ने बताया कि हाईवे पर ट्रक व भारी वाहन सड़क पर खड़े रहते हैं, जिससे गुजरने वाले यात्रियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। यदि वाहन हाईवे पर बने पार्किंग जोन में खड़े हों तो दुर्घटनाओं को रोका जा सकता है। एनएचएआई के सेफ्टी मैनेजर श्याम अवतार शर्मा ने बताया कि पेट्रोलिंग टीम की ओर से सड़क पर खड़े वाहनों को हटवाया जाता है, लेकिन ढाबों और पेट्रोल पंप पर फिर से गाड़ियां खड़ी हो जाती हैं। पेट्रोलिंग कर कार्रवाई की जाएगी।
इन जगहों पर हुए सबसे अधिक हादसे
हाईवे के संसारीपुर चौराहे पर खड़ी ट्रेलर में बस घुसने से पांच साल पहले 13 लोगों की मौत हो गई थी। कप्तानगंज के खजुहा चौराहे पर दो हादसो में फौजी सहित पांच लोगों की मौत हुई थी। भदावल, रजौली, बिजरा हर्रैया, बबुरहवा, बड़हर छावनी, रमहटिया, विक्रमजोत, केशवपुर, खतमसराय सहित कई जगहों पर खड़े वाहनों से टकराकर कई लोगों की जान जा चुकी है। इन जगहों में रमहटिया, बबुरहवा, खजुहा, भदावल, संसारीपुर सबसे अधिक डेंजर जोन के रूप में जाने जाते हैं।