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तेलांगना से युवक का शव लाया गया, विरोध में सड़क जाम

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मजदूर की हत्या के विरोध में सड़क जाम किए हुए ग्रामीण।- - फोटो : BASTI
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तेलंगाना से युवक का शव लाया गया, विरोध में सड़क जाम
गांव का ही ठेकेदार मजदूर को ले गया था तेलंगाना
पत्नी के इलाज के लिए रुपये मांगने पर कर दी हत्या
आरोपी के घर शव रखकर जताया विरोध, गांव में तनाव
अमर उजाला ब्यूरो
महराजगंज। गरीबी झेल रहा युवक गांव के ही ठेकेदार के साथ तेलंगाना में सटरिंग का काम कर रहा था। पत्नी के इलाज के लिए मजदूरी मांगी तो हत्या कर देने का आरोप लगा है। शनिवार को तेलंगाना से शव को घर लाया गया। गुस्साए ग्रामीणों ने ठेकेदार के घर शव रखकर सड़क जाम कर दिया। पुलिस और प्रशासनिक अफसरों ने किसी तरह समझा-बुझाकर सभी को शांत कराया।
हर्रैया थाना क्षेत्र के लबदहा गांव का बिरजू पुत्र राम शंकर का परिवार तंगहाली से गुजर रहा था। चार माह पहले गांव के ठेकेदार ओम प्रकाश गुप्ता के साथ तेलंगाना के कागजपुर जिले के सिरपुर में एक कंपनी में सटरिंग का काम करता था। बिरजू की पत्नी दिव्यांग होने के साथ ही बीमार रहती है। परिजनों के मुताबिक 29 जुलाई की सुबह फोन पर बिरजू की पत्नी ने तबीयत खराब होने की बात कही। जिसकी दवा कराने के लिए बिरजू मजदूरी की रकम ठेकेदार ओम प्रकाश गुप्ता से मांग रहा था। 31 जुलाई की शाम करीब बजे सात बजे दोनों में रुपये को लेकर कहासुनी हुई। आरोप है कि ठेकेदार ने पहले शराब पी, उसके बाद चाकू से कई वार कर बिरजू को मौत के घाट उतार दिया। कंपनी के सुपरवाइजर हुसैन ने घटना की सूचना परिजनों को दी। शुक्रवार देर रात करीब नौ बजे जब बिरजू का शव घर लाया गया तो गांव वाले उग्र हो गए। शनिवार सुबह सैकड़ों लोग आरोपी के घर शव रखकर संसारीपुर से पैकोलिया मार्ग पर जाम लगा दिए। सूचना पर पहुंचे एसडीएम जगदंबा सिंह और प्रभारी निरीक्षक ओम प्रकाश यादव के समझाने पर भी ग्रामीण कार्रवाई पर अड़े रहे। ग्रामीणों का कहना था कि पीड़ित परिवार को जब तक सरकारी सहायता नहीं मिलेगी, तब तक शव की अंत्येष्टि नहीं की जाएगी। एसडीएम जगदंबा ने भरोसा दिलाया कि पीड़ित परिवार को सरकारी सहायता दी जाएगी। तब जाकर ग्रामीण माने और अंत्येष्टि के लिए तैयार हुए। बताया कि पीड़ित परिवार को किसान दुर्घटना बीमा, आवास, राशन कार्ड, पारिवारिक लाभ दिया जाएगा। जिसकी फाइल तैयार की जा रही है।
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एसडीएम ने अनाज, कपड़े पहुंचाए
एसडीएम हर्रैया जगदंबा सिंह ने ग्रामीणों को समझा-बुझाकर सड़क जाम खत्म करा दिया। तत्काल खुद दुकान से जरूरी अनाज खरीदकर सरकारी वाहन से गरीब बिरजू के घर पहुंचाया। साथ ही बच्चों के लिए कपड़े और खाने का सामान भी पहुंचाया। दिवंगत बिरजू की पत्नी और चार बच्चों को एसडीएम ने सारी योजनाओं को लाभ दिलाने की बात फिर से दोहराई। एसडीएम के इस कार्य की सराहना चारों तरफ हो रही है।
दिव्यांग सीमा चार बच्चों संग लाचार
पैर से दिव्यांग, खेती के नाम पर महज दो बिस्वा जमीन
अमित श्रीवास्तव
महराजगंज। तेलंगाना में पति बिरजू की हत्या से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। पहले से बीमार चल रही दिव्यांग पत्नी सीमा पर चार बच्चों की जिम्मेदारी आ पड़ी है। मुफलिसी में जी रहे इस परिवार का गुजारा कैसे होगा, यह हर किसी की जुबान से सुनने को मिल रहा है।
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हर्रैया थाना क्षेत्र के लबदहा गांव के बिरजू (35) का बचपन ही दुखों के बीच रहा। पिता रामशंकर की मौत उसके बचपन में ही करीब बीस साल पहले हो गई थी। दो साल बाद माता भी गोलोकवासी हो गईं। चार भाइयों में बिरजू गांव में मजदूरी करके परिवार का भरण-पोषण कर रहा था। खेती के नाम पर मात्र दो बिस्वा जमीन है। पत्नी सीमा (33) पैर से दिव्यांग है। बड़ा बेटा राजू (12) बेटियां रागिनी (8), रजनी (4) और सबसे छोटी बेटी सरोजनी (1) वर्ष की है। गरीबी के चलते पढ़ाई भी ठीक तरह से नहीं हो पा रही थी। कहने को एक कमरे का घर है। राशन कार्ड बना है। गांव में मजदूरी करके बच्चे भी दो जून की रोटी का जुगाड़ करते हैं। इसी तंगहाली को देखकर बिरजू तेलंगाना में गांव के ही ठेकेदार के पास लोगों के साथ कमाने गया। सटरिंग का कार्य कर रहा था। आरोप है कि मजदूरी मांगने पर ठेकेदार ने हत्या कर दी। शुक्रवार रात जब शव घर लाया गया तो पत्नी बच्चों का शव से लिपटकर रोना देखकर हर किसी की आंखें डबडबा गईं। पूरा गांव बिरजू के परिवार को इंसाफ दिलाने के लिए एकजुट होकर सुबह पैकोलिया मार्ग जाम कर दिया। एसडीएम के आश्वासन पर लोग माने। शनिवार दोपहर में उभाई के मुरदहवा घाट पर बिरजू के शव का अंतिम संस्कार किया गया तो हर कोई उसके बच्चों की हालत देखकर गम में डूब गया।
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