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माझाकला में आवास और शौचालय में अनियमितता

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माझा कला गांव में जांच करते ज्वांइट मजिस्ट्रेट प्रेम प्रकाश मीना।- - फोटो : BASTI
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माझाकला में आवास और शौचालय में अनियमितता
जांच करने पहुंचे ज्वाइंट मजिस्ट्रेट की त्योरी चढ़ी
आवास की रकम प्रधान के पास, तीन ट्रॉली ईंट दी
एडीओ को अधूरे आवास पूरा कराने के निर्देश दिए
अमर उजाला ब्यूरो
गायघाट। ब्लॉक क्षेत्र की ग्राम पंचायत माझाकला के अइलहा व भगवंतपुर में शौचालय तथा आवास निर्माण में अनियमितता सामने आई है। शुक्रवार देर शाम तक ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने आवासों और शौचालयों की जांच की। एडीओ आईएसबी को अधूरे आवासों को पूरा कराने के निर्देश दिए।
शुक्रवार की देर शाम अइलहा और भगवंतपुर पहुंचे ज्वाइंट मजिस्ट्रेट प्रेम प्रकाश मीणा के सामने लाभार्थियों ने अनियमितता की पोल खोल दी। जांच के दौरान अइलहा की गुड़िया ने कहा कि सात साल से झोपड़ी में रह रही हूं। ग्राम प्रधान से कई बार अनुरोध करने पर मुझे शौचालय तो मिल गया लेकिन अभी तक आवास नहीं मिला है। अइलहा की ही फूला ने बताया कि शौचालय नहीं मिला है। आवास की रकम ग्राम प्रधान ले लिए थे। बदले में केवल तीन ट्रॉली ईंट मिली है। जांच कर रहे ज्वाइंट मजिस्ट्रेट प्रेम प्रकाश मीणा ने बताया कि अभी तक 60 आवासों की जांच हुई है। जांच में 90 प्रतिशत आवास में अनियमितता पाई गई है। एडीओ आईएसबी सतीश चन्द्र शुक्ला को अपूर्ण आवास को पूरा कराने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही जो पात्र आवास से वंचित रह गए हैं उन्हें आवास दिलाने के निर्देश दिए गए हैं। जांच रिपोर्ट जल्द ही भेजेंगे। इस दौरान एडीओ आईएसबी सतीश चन्द्र शुक्ला, ग्राम पंचायत विकास अधिकारी अजीत कुमार सिंह भी मौजूद रहे।
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आरोप बेबुनियाद : ग्राम प्रधान
ग्राम प्रधान मीरा यादव का कहना है कि माझा क्षेत्र होने के कारण 90 प्रतिशत लोग झुग्गी झोपड़ी में रहते हैं। जितना आवास मिला है। उसे आवंटित कर दिया गया है। हमें बदनाम करने के लिए कुछ विरोधी लोग शौचालय नहीं बनवा रहे हैं। मेरे ऊपर लगाए गए सारे आरोप बेबुनियाद हैं।
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जांच रिपोर्ट नहीं बता सकते: ज्वाइंट मजिस्ट्रेट
शौचालय और आवास समेत अन्य योजनाओं की जांच कर रहे ज्वाइंट मजिस्ट्रेट प्रेम प्रकाश मीणा ने बताया कि 55 आवासों की जांच की है। अनियमितताएं मिली हैं लेकिन डिटेल नहीं बता सकते। स्वच्छ भारत मिशन, आवास योजना इसका समुचित लाभ लोगों को मिल पा रहा है या नहीं इसकी जांच और सत्यापन किया गया है। जिनका नाम पुरानी सूची में लाभार्थियों में नहीं था, ऐसे पात्रों का नाम नई सूची में दर्ज कराया गया है। मोटे तौर पर इतना कह सकता हूं कि काफी अनियमितताएं मिलीं हैं।
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