गांधीनगर स्थित नार्मल स्कूल बिल्डिंग के प्रथम तल पर बने आवास।
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बस्ती जिले में अगर सब कुछ ठीक रहा तो जल्द ही गांधीनगर स्थित नार्मल बिल्डिंग के प्रथम तल पर बने नौ जर्जर आवासों को ध्वस्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। सभी आवासों को खाली करवा दिया गया है। जल्द ही इन पर बुलडोजर चलाया जाएगा।
बीएसए कार्यालय के सामने तकरीबन पांच दशक पूर्व स्थापित नार्मल बिल्डिंग के पहले तल पर नौ रिहायशी आवास जिला पंचायत (तत्कालीन जिला परिषद) ने बनवाए थे। इन्हें नौ लोगों को आवंटित कर मामूली किराया वसूला जाता था। इधर भवन की हालत बहुत ही जर्जर हो गई थी और कभी भी धराशायी होने का अंदेशा बढ़ गया था।
इसी बीच फरवरी में जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी विकास मिश्र ने स्थलीय निरीक्षण किया और जर्जर आवासों में निवास कर रहे लोगों को नोटिस जारी कर तत्काल खाली करने का निर्देश दे दिया। वहीं इन आवासों को ध्वस्त करवाकर नई दुकानों का निर्माण कराने का प्रस्ताव भी जिला प्रशासन के बतौर प्रशासक रहे जिलाधिकारी आशुतोष निरंजन के समक्ष रख दिया।
सभी आवास तो समय से खाली हो गए, लेकिन जब इनके ढहने का समय आया, तब तक पंचायत चुनाव की आदर्श आचार संहिता लागू हो गई। इधर जिला पंचायत के अध्यक्ष का चुनाव होने के बाद इन आवासों का ढहना पूरी तरह से तय हो चुका है। इससे जहां जर्जर आवासों के ढहने से होने वाले हादसों को रोका जा सकेगा। वहीं दुकानों को भाड़े पर उठाकर राजस्व आय में इजाफा भी किया जा सकेगा।
जिला पंचायत बस्ती अपर मुख्य अधिकारी विकास मिश्र ने कहा कि जिला पंचायत के सभी नौ जर्जर आवासों को खाली करवाया जा चुका है। जिला पंचायत अध्यक्ष के निर्देशानुसार इनके ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया बहुत जल्द ही शुरू की जाएगी।