भगवान श्रीराम के जयघोष के साथ पौराणिक 84 कोसी परिक्रमा शुरू
परशुरामपुर/छावनी (बस्ती )। मखौड़ा धाम से रविवार भोर में 84 कोसी परिक्रमा प्रारंभ हुई। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार 84 कोसी परिक्रमा करने से मनुष्य के सभी पाप नष्ट हो जाते हैं और उसे 84 लाख योनियों से भी मुक्ति मिल जाती है। भोर में धाम में एकत्रित देश के कोने-कोने से आए साधु- संत व श्रद्धालुओं ने मनोरमा नदी में स्नान कर हवन -पूजन किया। इसमें बाद जय श्रीराम के उद्घोष के साथ परिक्रमा शुरू हो गई।
परिक्रमा मखौड़ा धाम से नेदुला, कोहराएं, रजवापुर, नगरा बदली, केनोना, रामगढ़ के रास्ते प्रथम पडा़व रामरेखा मंदिर दोपहर बाद पहुंची। क्षेत्र के समाजसेवियों ने परिक्रमार्थियों के लिए जगह- जगह स्टाल लगाकर उनकी सेवा की। परिक्रमार्थी रविवार रात प्रथम पड़ाव रामरेखा मंदिर परिसर में करेंगे। मंदिर पुजारी बाबा दयाशंकर दास ने बताया कि साधु संतो व श्रद्धालुओं के रात्रि विश्राम, भोजन व ठहरने की व्यवस्था की गई है। स्थानीय लोग इसमें भरपूर सहयोग कर रहे हैं। सोमवार भोर में स्नान व पूजन कर द्वितीय पड़ाव दुबौलिया स्थित हनुमान बाग चकोही के लिए प्रस्थान करेंगे। परिक्रमा का नेतृत्व अयोध्या के संत गयादास कर रहे हैं। परिक्रमार्थियों के स्वागत में रामरेखा मंदिर परिसर में पूर्व जिला पंचायत सदस्य महेंद्र प्रताप सिंह, रितेश सिंह, जयप्रकाश तिवारी, एमपी सिंह, दिवाकर, अवधेश आदि मौजूद रहे।