हैंडओवर हुए बिना चालू हो गए जिले के 78 हेल्थ वेलनेस सेंटर
बस्ती। जिले में 78 हेल्थ वेलनेस सेंटर निर्मित भी हो गए और तकरीबन दो साल पहले यह संचालित भी हो गए। लेकिन, अभी तक इनके हैंडओवर होने की प्रक्रिया नहीं पूरी हो सकी है। इससे जहां कार्यदायी विभाग का शेष भुगतान लटक गया है, वहीं इनके रखरखाव की जिम्मेदारी भी सवालों के घेरे में खड़ी हो गई है। जबकि संतकबीरनगर के स्वास्थ्य विभाग के इंजीनियर ने गुणवत्ता जांच कर सभी प्रक्रिया भी पूरी कर दी है। बावजूद इसके स्वास्थ्य विभाग इनके हस्तांतरण में रुचि नहीं दिखा रहा है।
जिले में 2019-20 में सभी स्वास्थ्य उपकेंद्रों के परिसर में ग्रामीण अभियंत्रण विभाग (आरईडी) को राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत 78 एएनएम सेंटरों के निर्माण की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। इसके तहत 22 फीट लंबे व 13.5 फीट चौड़े अतिरिक्त कक्ष का निर्माण कर वेलनेस सेंटर स्थापित करना था। इसमें एएनएम व जेएनएम के बैठने व महिलाओं की जांच व उपचार का इंतजाम बनाना था। तकरीबन पांच लाख की लागत से निर्मित इन भवनों को आरईडी ने दिसंबर 2020 में तैयार करवा दिया और हैंडओवर के लिए पत्र भी स्वास्थ्य विभाग को भेज दिया।
जब शासन का दबाव बना तो स्वास्थ्य विभाग ने हड़बड़ी दिखाते हुए सभी वेलनेस सेंटरों को संचालित तो कर दिया लेकिन उसे हस्तांतरित करने की प्रक्रिया नहीं पूरी किया। कारण यह था कि जिला स्तर पर स्वास्थ्य विभाग में कोई अभियंता ही नहीं तैनात है जिससे जांच करवाकर इन साढ़े आठ दर्जन भवनों को हैंडओवर करवा सकें। तत्कालीन सीएमओ डॉ. अनूप कुमार ने संतकबीरनगर के हेल्थ जेई से सभी केंद्रों की जांच करवा दी और रिपोर्ट भी लगवा दी लेकिन हस्तांतरण की प्रक्रिया अभी तक नहीं पूरी हो सकी।
आरईडी के अधिशासी अभियंता अरविंद कुमार ने बताया कि भवनों के हस्तांतरण के लिए सीएमओ को पत्र भेजा गया है, वहीं प्रभारी सीएमओ डॉ. जय सिंह ने बताया कि भवनों को जल्द ही हस्तांतरित करने की व्यवस्था बनाई जा रही है।