त्योहारों पर सेहत की फिक्र, जांच में 40 प्रतिशत नमूने फेल
पिछली दीपावली व होली पर लिए गए थे 63 नमूने
बस्ती। स्वास्थ्य को लेकर सरकारी तंत्र सक्रिय है। त्योहारों पर खासकर जब बाजार में अधोमानक खोया और पनीर के अलावा खाद्य तेल सहित अन्य सामग्री धंधेबाज उतार देते हैं। त्योहारों में सेहत को लेकर शासन सरकार व प्रशासन तीनों फिक्रमंद हैं। इस दीपावली पर भी यह क्रम जारी है। पिछले वर्ष लिए दीपावली व होली पर लिए गए नमूनों में से 40 प्रतिशत फेल पाए गए हैं। इनके खिलाफ संबंधित थानों में मुकदमा दर्ज कराया गया है।
पिछली दीपावली में खाद्य सुरक्षा टीम ने मीठी सुपारी, दूध, बूंदी लड्डू, कलाकंद, पपड़ी, बरफी, पेड़ा, मिल्क केक, छेना, बेसन लड्डू के कुल 29 नमूने लिए थे। दीपावली के दौरान लिए गए इन नमूनों में 16 नमूने फेल पाए गए। इन नमूनों में स्वास्थ्य के लिए कोई भी पदार्थ हानिकारक नहीं पाया गया, मगर सामान्य मिलावट व कम फैट पाई गई, जिस पर जुर्माना व मुकदमा की कार्रवाई हुई है। होली में भी दूध, मिठाई, पनीर आदि के 34 नमूने लिए गए थे। इनमें दस नमूने फेल हो गए, यानी होली व दीपावली पर लिए गए नमूनों में से 40 प्रतिशत फेल पाए गए हैं।
अभिहित अधिकारी अपूर्व श्रीवास्तव ने बताया कि लोगों की सेहत के लिए शासन व प्रशासन सतर्क है। त्योहार में बाजार में मिठाई व अन्य खाद्य सामान की मांग बढ़ जाती है। ऐसे में मिलावट का धंधा बढ़ने की उम्मीद रहती है। हालांकि जिले में अब तक कहीं कोई ऐसी मिलावट नहीं पाई गई है जो सेहत को नुकसान पहुंचाए। बावजूद इसके सतर्कता जरूरी है।