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जिला अस्पताल की ओपीडी में रोज आ रहे 30 से 40 मरीज

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जिला अस्पताल के ओपीडी में बैठे मरीज। - फोटो : BASTI
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जिला अस्पताल की ओपीडी में रोज आ रहे 30 से 40 मरीज
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सीएमओ बोले- गांवों में बुखार के मरीज किए जा रहे चिह्नित
बस्ती। जिले में वायरल फीवर के मरीजों की तादाद कम होने का नाम नहीं ले रही। प्रतिदिन जिला अस्पताल से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों के सीएचसी व पीएचसी पर बड़ी संख्या में मरीज पहुंच रहे हैं। जिला अस्पताल में रोज 30 से 40 मरीज पहुंच रहे हैं। जिला अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आलोक कुमार ने बताया कि बुखार के मरीजों के आने क्रम जारी है।
जिले में सितंबर मध्य से बदलते मौसम का प्रभाव वायरल फीवर के रूप में सामने आ रहा है। इन स्थितियों को संज्ञान में लेकर स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव-गांव में बुखार के मरीज खोज रही है। अब तक करीब 1800 मरीज चिह्नित किए जा चुके हैं। राहत की बात ये है कि सभी सामान्य उपचार के बाद स्वस्थ हो चुके हैं। सीएमओ ने बताया कि अब तक कहीं गंभीर मरीज नहीं मिला है। स्थानीय स्तर पर इलाज के बाद मरीजों को घर भेजा जा रहा है। बुखार के गंभीर मरीजों को भर्ती कर उनका इलाज किया जाता है। उन्होंने कहा कि बुखार व कोरोना की तीसरे लहर की आशंका को लेकर स्वास्थ्य विभाग संवेदनशील है। हर स्थिति से निपटने की तैयारी पूरी है।
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वायरल बुखार होने के कारण
जिला अस्पताल के फिजीशियन डॉ. रामजी सोनी ने बताया कि आम तौर पर वायरल फीवर मौसम के बदलने पर प्रतिरक्षा तंत्र के कमजोर होने पर होता है। इसके अलावा और भी कारण होते हैं, जिस वजह से बुखार आता है। दूषित जल एवं भोजन का सेवन, प्रदूषण के कारण दूषित वायु में मौजूद सूक्ष्म कणों का शरीर के भीतर जाना, रोग प्रतिरोधक क्षमता की कमी, वायरल बुखार हुए रोगी के साथ रहना भी कारण हो सकता है।
वायरल बुखार के लक्षण
वायरल फीवर के लक्षण सामान्य रूप से होने वाले बुखार की तरह होते हैं। बच्चों में थकावट, खांसी, संक्रामक जुकाम, उल्टी-दस्त जैसे लक्षण देखने को मिलते हैं। तापमान अधिक होने के कारण डिहाइड्रेशन भी हो सकता है। इसके अलावा थकान, पूरे शरीर में दर्द होना, शरीर का तापमान बढ़ना, खांसी, जोड़ों में दर्द, त्वचा के ऊपर रैशेज होना, सर्दी लगना, गले में दर्द, सिर दर्द, आंखों में लाली तथा जलन रहना भी लक्षण होते हैं।
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‘खानपान पर रखें विशेष ध्यान’
डॉ. रामजी सोनी बताते हैं कि जीवनशैली और खानपान में थोड़ा बदलाव लाने पर इस रोग से बचा जा सकता है। उबली और हरी सब्जियां खानी चाहिए। दूषित पानी एवं भोजन से बचें। पानी को उबाल कर थोड़ा गुनगुना पीना चाहिए। वायरल बुखार से ग्रस्त रोगी के संपर्क में आने से बचें। मौसम में बदलाव के प्रति सजग रहें।
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